पवन खेड़ा की तपस्या पूरी? कांग्रेस के लिए लड़ी हर लड़ाई, अब मिला राज्यसभा का बड़ा इनाम

कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए पवन खेड़ा को कर्नाटक से उम्मीदवार बनाया है। 2022 में टिकट न मिलने की निराशा के बाद अब पार्टी ने उन्हें बड़ा राजनीतिक इनाम दिया है। खेड़ा लंबे समय से बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस की मुखर आवाज बने हुए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 June 2026, 10:29 AM IST

New Delhi: कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने सात उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। इस सूची में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा का नाम भी शामिल है। कांग्रेस ने उन्हें कर्नाटक से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है, जहां विधानसभा में पार्टी के पर्याप्त संख्याबल के चलते उनका उच्च सदन पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। पवन खेड़ा का नाम सामने आने के बाद पार्टी के भीतर और राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है।

2022 की निराशा के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी

पवन खेड़ा के लिए यह मौका काफी अहम माना जा रहा है। वर्ष 2022 के राज्यसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर निराशा जाहिर करते हुए लिखा था कि “शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई।” लेकिन तीन साल बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब कांग्रेस ने उन्हें न केवल राज्यसभा का टिकट दिया है, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका भी सौंपी है।

बीजेपी के खिलाफ मुखर आवाज बने खेड़ा

पिछले कुछ वर्षों में पवन खेड़ा कांग्रेस के सबसे आक्रामक और मुखर प्रवक्ताओं में शामिल रहे हैं। टीवी डिबेट, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने लगातार बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर सवाल उठाए। कई मौकों पर उनके बयानों को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुए, लेकिन उन्होंने पार्टी की ओर से आक्रामक रुख बनाए रखा।

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असम पुलिस द्वारा एक मामले में उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए जाने की घटना ने उन्हें कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल कर दिया था। इसके बाद पार्टी ने भी उनके समर्थन में खुलकर आवाज उठाई।

कानूनी और राजनीतिक लड़ाई का मिला इनाम

हाल के महीनों में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनके परिवार से जुड़े मुद्दों को लेकर भी पवन खेड़ा लगातार हमलावर रहे। इन मामलों को लेकर उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हुईं और उन्हें कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि खेड़ा ने पार्टी के लिए राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर मजबूती से लड़ाई लड़ी है। यही कारण है कि उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला लिया गया।

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राहुल गांधी और खड़गे का भरोसेमंद चेहरा

पवन खेड़ा को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। शीला दीक्षित के कार्यकाल से पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले खेड़ा ने लंबे समय तक कांग्रेस के मीडिया और जनसंपर्क अभियान को मजबूत किया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस को राज्यसभा में ऐसे वक्ता की जरूरत थी जो सरकार को प्रभावी ढंग से घेर सके। ऐसे में पवन खेड़ा का चयन पार्टी की रणनीतिक और राजनीतिक प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है।

Location :  New Delhi

Published :  5 June 2026, 10:29 AM IST