UP Assembly Election 2027: लम्भुआ सीट के लिए जंग? भाजपा में परिवार बनाम पुराने चेहरे पर कयास, सपा में दर्जनों दावेदार

लम्भुआ विधानसभा सीट पर 2027 चुनाव से पहले टिकट की जंग तेज हो गई है। भाजपा में सीताराम वर्मा के परिवार और पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी के नाम चर्चा में हैं। सपा में संतोष पांडेय समेत कई दावेदार सक्रिय हैं। बसपा ने शैलेंद्र प्रताप सिंह को प्रत्याशी घोषित कर मुकाबला रोचक बना दिया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 9 September 2026, 10:48 AM IST

Sultanpur: सुल्तानपुर की लम्भुआ विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाजपा और समाजवादी पार्टी किस चेहरे पर दांव लगाएंगी। भाजपा में मौजूदा विधायक सीताराम वर्मा के परिवार से जुड़े नामों के साथ पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी की दावेदारी चर्चा में है। वहीं सपा में पूर्व विधायक संतोष पांडेय समेत कई नेता टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं। बसपा ने शैलेंद्र प्रताप सिंह को प्रत्याशी घोषित कर चुनावी तस्वीर में एक नया मोड़ जरूर ला दिया है।

भाजपा में टिकट को लेकर सबसे बड़ा सस्पेंस

लम्भुआ में भाजपा के सामने लगातार तीसरी जीत दर्ज करने की चुनौती है। मौजूदा विधायक सीताराम वर्मा के पुत्र पंकज वर्मा और विकास वर्मा के नाम टिकट की दौड़ में चर्चा में हैं। दूसरी ओर 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी भी सक्रिय हैं।

ऐसे में पार्टी के सामने सवाल है कि वह मौजूदा विधायक के परिवार को आगे बढ़ाएगी, पुराने विजयी चेहरे पर भरोसा करेगी या किसी नए नाम को मैदान में उतारेगी।

सीताराम वर्मा वर्तमान विधायक भाजपा लंभुआ

सपा में भी टिकट की लड़ाई कम नहीं

समाजवादी पार्टी में भी टिकट को लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं। पूर्व विधायक संतोष पांडेय सबसे प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। उनके अलावा जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर, राममूर्ति चौरसिया, श्यामलाल निषाद और दिनेश चंद्र पाठक समेत करीब दर्जनभर नामों की चर्चा है।

संतोष पांडेय की दावेदारी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह 2012 में इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। 2022 में भी उन्होंने भाजपा के सीताराम वर्मा को कड़ी टक्कर दी थी।

देवमणि द्विवेदी पूर्व भाजपा विधायक लंभुआ

2022 के आंकड़ों ने बढ़ाई सपा की उम्मीद

2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सीताराम वर्मा को 82,999 वोट मिले थे, जबकि सपा के संतोष पांडेय को 73,466 वोट मिले। दोनों के बीच जीत का अंतर 9,533 वोट रहा।

भाजपा के लिए चिंता की बात यह है कि 2017 के मुकाबले 2022 में जीत का अंतर कम हुआ। 2017 में देवमणि द्विवेदी ने 12,903 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।

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बसपा ने पहले ही खोल दिया पत्ता

बहुजन समाज पार्टी ने लम्भुआ विधानसभा सीट से शैलेंद्र प्रताप सिंह को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इससे चुनावी मुकाबले की शुरुआती तस्वीर सामने आ गई है। बसपा का उम्मीदवार घोषित होने के बाद मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि असली तस्वीर भाजपा और सपा के उम्मीदवार घोषित होने के बाद ही साफ होगी।

संतोष पांडे पूर्व विधायक समाजवादी पार्टी लंभुआ

चांदा से लम्भुआ तक बदलती रही सियासत

चांदा से लम्भुआ तक की राजनीतिक यात्रा में यह सीट किसी एक दल का स्थायी गढ़ नहीं रही। कांग्रेस, जनसंघ, जनता पार्टी, निर्दलीय, समाजवादी धारा और बसपा के बाद पिछले दो चुनावों में भाजपा ने लगातार जीत दर्ज की है।

2012 में सपा के संतोष पांडेय विजयी रहे। 2017 में भाजपा के देवमणि द्विवेदी और 2022 में भाजपा के सीताराम वर्मा ने जीत दर्ज की।

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2027 में मुद्दे भी तय करेंगे चुनावी दिशा

लम्भुआ में टिकट की जंग के साथ सड़क, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, किसानों की समस्याएं, सरकारी योजनाओं का लाभ और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे भी अहम रहेंगे। उम्मीदवार की छवि, जातीय-सामाजिक समीकरण और बूथ स्तर की संगठनात्मक तैयारी भी चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकती है।

अब सबसे ज्यादा नजर भाजपा और सपा के टिकट पर है। जिस चेहरे के नाम पर पार्टी अंतिम मुहर लगाएगी, वही 2027 के चुनावी मुकाबले की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

Location :  Lambhua

Published :  9 September 2026, 10:44 AM IST