दौरा अचानक टला, सवाल बढ़े! ज्ञानेश कुमार का मेरठ-वाराणसी कार्यक्रम स्थगित, जानिए क्या है पूरा मामला

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मेरठ और वाराणसी दौरा अचानक स्थगित हो गया है। मेरठ में युवाओं से संवाद और ELC 2.0 व ECI-Net का कार्यक्रम था, जबकि वाराणसी में Gen-Z से बातचीत होनी थी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 September 2026, 10:15 AM IST

Lucknow: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश में मेरठ और वाराणसी का प्रस्तावित दौरा स्थगित कर दिया गया है। मेरठ में 25 सितंबर को युवाओं के साथ संवाद के साथ ELC 2.0 और ECI-Net का क्षेत्रीय सम्मेलन होना था, जबकि वाराणसी में 28 सितंबर को Gen-Z के साथ संवाद प्रस्तावित था। दोनों कार्यक्रम ऐसे समय टले हैं, जब चुनाव आयोग के भीतर फैसलों को लेकर दर्ज आपत्तियों और SIR को लेकर बहस तेज है।

मेरठ में क्या होने वाला था?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मेरठ दौरा चुनावी जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित था। यहां युवाओं के साथ संवाद के अलावा Electoral Literacy Clubs (ELC 2.0) और ECI-Net से जुड़ा क्षेत्रीय सम्मेलन प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं और छात्रों को चुनावी प्रक्रिया, मतदान और मतदाता सेवाओं से जोड़ना था। अगस्त में लखनऊ में भी इसी तरह का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां ज्ञानेश कुमार ने छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद किया था।

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मेरठ और वाराणसी को इस अभियान के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा था। अगस्त में जारी कार्यक्रम की जानकारी के मुताबिक, ELC और ECI-Net से जुड़े क्षेत्रीय सम्मेलन उत्तर प्रदेश में अलग-अलग चरणों में आयोजित किए जाने थे।

वाराणसी में भी होना था Gen-Z से संवाद

मेरठ के बाद ज्ञानेश कुमार का वाराणसी कार्यक्रम भी प्रस्तावित था। वहां 28 सितंबर को Gen-Z युवाओं के साथ बातचीत की योजना थी। दोनों शहरों में होने वाले कार्यक्रमों का मुख्य फोकस युवाओं को चुनावी प्रक्रिया की जानकारी देना और मतदाता जागरूकता बढ़ाना था। अब दोनों कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, मेरठ में कार्यक्रम की तैयारियां 21 सितंबर से ही रोक दी गई थीं और बाद में दौरा स्थगित होने की जानकारी सामने आई।

अचानक स्थगन से क्यों बढ़ी चर्चा?

दौरे का स्थगन ऐसे समय हुआ है जब निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक बहस चल रही है। खास तौर पर Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और आदेशों को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता पंजीकरण, नाम जोड़ने-हटाने, Form 6 में बदलाव और मतदाता डेटा से जुड़े सिस्टम जैसे मुद्दे शामिल थे।

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हालांकि, इस रिपोर्ट के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से अलग तस्वीर रखी गई। आयोग के अधिकारियों ने कहा कि SIR समेत आयोग के फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे। आयोग ने आपत्तियों को आंतरिक विचार-विमर्श का हिस्सा बताया और कहा कि पिछले 10 महीनों के फैसलों को केवल कुछ आंतरिक टिप्पणियों के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए।

कार्यक्रम रद्द होने की वजह पर आधिकारिक तस्वीर क्या है?

मेरठ और वाराणसी के कार्यक्रम स्थगित होने की जानकारी सामने आ गई है, लेकिन दौरा स्थगित करने की स्पष्ट आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। यही वजह है कि कार्यक्रमों के अचानक टलने को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

Location :  Lucknow

Published :  25 September 2026, 10:15 AM IST