‘सड़कों पर नहीं उतरेंगे तो क्या तानाशाही सहें’… चंद्रशेखर आज़ाद का मायावती पर पलटवार, दी UP ठप करने की चेतावनी

मेरठ छात्रा हत्याकांड पर सियासी घमासान! पुलिस द्वारा रोके जाने पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने मायावती के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वे तानाशाही नहीं सहेंगे। 4 दिन में कार्रवाई न होने पर लखनऊ में CM आवास घेरने की बड़ी चेतावनी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 11 July 2026, 2:37 PM IST

Meerut: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रोहटा क्षेत्र में अनुसूचित जाति की छात्रा के अपहरण और उसकी नृशंस हत्याकांड का मामला अब बेहद गरमा गया है। इस दर्दनाक घटना को लेकर पश्चिमी यूपी में भारी राजनीतिक उबाल देखने को मिल रहा है।

शुक्रवार दोपहर को जब नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और इस घटना के विरोध में आंदोलन के लिए मेरठ कूच कर रहे थे, तभी भारी पुलिस बल ने उन्हें टोल प्लाजा पर ही रोक दिया।

इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कार्यकर्ताओं ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कड़ा विरोध जताया।

मायावती के बयान पर चंद्रशेखर का बड़ा पलटवार

टोल प्लाजा पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने बेहद नपे-तुले लेकिन सख्त लहजे में कहा, "मैं मायावती जी का बहुत सम्मान करता हूं। यह संभव है कि आजाद समाज पार्टी की बढ़ती हुई जमीन और लोकप्रियता से उन्हें कोई शिकायत हो।

लेकिन देश के संविधान ने हमें अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरने और आंदोलन करने का लोकतांत्रिक अधिकार दिया है। अगर हम सड़कों पर उतरकर जनता के लिए आंदोलन नहीं करेंगे, तो क्या इस प्रशासनिक तानाशाही को खुली छूट दे दें?" उन्होंने आगे कहा कि मायावती जी की जो भी सलाह समाज के हित में अच्छी होगी, उसे हम जरूर मानेंगे।

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चार दिन का अल्टीमेटम

छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर चंद्रशेखर आज़ाद ने योगी सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन को सीधे तौर पर चार दिन का समय दिया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन का रुख सीधे राजधानी लखनऊ की तरफ होगा, जहां वे कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब जिले के कप्तान (IPS अधिकारी) ही प्रदर्शनकारियों के साथ इस तरह मारपीट और बर्बरता करेंगे, तो फिर नीचे तैनात थानेदारों से कैसे उम्मीद की जाए? ऐसे में तो थानेदार आम जनता की खाल ही खींच लेंगे।

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सीबीआई जांच और सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े चंद्रशेखर

आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन के अड़ियल रवैये की घोर निंदा की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी अधिकारियों ने खेद तक प्रकट नहीं किया, बल्कि उल्टा न्याय की मांग कर रहे आंदोलनकारियों को जेल भेजा जा रहा है।

चंद्रशेखर ने साफ किया कि वे जिले में किसी भी कीमत पर जातीय तनाव पैदा नहीं होने देंगे और कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को तुरंत सरकारी नौकरी दी जाए, पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच हो और घटना के जिम्मेदार बेपरवाह थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए।

Location :  Meerut

Published :  11 July 2026, 2:37 PM IST