BSP Politics: अशोक सिद्धार्थ ने लिया राजनीति से संन्यास, अब आकाश आनंद की भूमिका पर नजर

अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उनका फैसला मायावती के उस बयान के बाद आया है, जिसमें आकाश आनंद की पार्टी में जिम्मेदारी वापस देने को उनके संन्यास से जोड़ा गया था। अब अशोक सिद्धार्थ के हटने के बाद आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका पर नजर टिक गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 September 2026, 10:33 AM IST

New Delhi/Lucknow: बहुजन समाज पार्टी की सियासत में बुधवार को सामने आए घटनाक्रम के बाद गुरुवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बहन जी का हर आदेश उनके लिए अंतिम है। उनका यह फैसला आकाश आनंद की पार्टी में भूमिका को लेकर चल रही चर्चा के बीच आया है।

मायावती के बयान के बाद आया फैसला

अशोक सिद्धार्थ का संन्यास ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले बसपा प्रमुख मायावती ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। मायावती ने कहा था कि यदि अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेते हैं, तभी आकाश आनंद को पार्टी में जिम्मेदारी वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है।

मायावती ने अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी और बहुजन आंदोलन के मिशन से अधिक निजी और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप भी लगाया था।

अशोक सिद्धार्थ ने आरोपों को बताया साजिश

अपने पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ ने आकाश आनंद को गुमराह करने और पार्टी पर कब्जे की कोशिश से जुड़े आरोपों को साजिश बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों में उनकी आकाश आनंद से मुलाकात तक नहीं हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके संन्यास को आकाश आनंद की पार्टी में वापसी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि अगर उनकी मौजूदगी बहुजन मिशन को नुकसान पहुंचा रही है तो वह राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने के लिए तैयार हैं।

कर्नाटक की सियासत में भूचाल: मंत्री सतीश जारकीहोली पर दूसरे दिन भी पड़ा रेड, अफ्रीका माइनिंग कनेक्शन का खुलासा

अब आकाश आनंद की भूमिका पर नजर

अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद बसपा के भीतर सबसे बड़ा सवाल आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका को लेकर है। मायावती ने पहले ही संकेत दिया था कि अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से हटने के बाद आकाश आनंद को पार्टी में जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा सकता है।

आकाश आनंद को हाल ही में बसपा के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया गया था। इसके बाद पार्टी संगठन में उनकी भूमिका को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। ऐसे में अशोक सिद्धार्थ का संन्यास इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

मायावती ने आकाश आनंद को BSP से किया बाहर, अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद लिया बड़ा फैसला

तीन राज्यों के चुनाव से पहले अहम घटनाक्रम

बसपा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी है। पार्टी नेतृत्व संगठन में अनुशासन और बहुजन आंदोलन को प्राथमिकता देने की बात कर रहा है।

अब अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद नजर इस बात पर रहेगी कि आकाश आनंद को लेकर बसपा नेतृत्व क्या फैसला करता है। फिलहाल उनकी जिम्मेदारियां बहाल करने की अंतिम घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में आने वाला फैसला बसपा के संगठनात्मक समीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Location :  Lucknow

Published :  10 September 2026, 10:33 AM IST