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स्मार्टफोन पर बच्चों का ध्यान भटकना आम समस्या है। फोटोमैथ, डुओलिंगो, हेडस्पेस और हेबिटिका जैसे ऐप्स पढ़ाई, भाषा सीखने, मानसिक स्वास्थ्य और जिम्मेदारी सिखाने में मदद करते हैं, बच्चों की आदतों को सकारात्मक बनाते हैं।


आज के डिजिटल युग में बच्चों को स्मार्टफोन से दूर रखना मुश्किल है। पेरेंट्स चाहते हैं कि बच्चे इसका इस्तेमाल केवल पढ़ाई और सीखने के लिए करें। गेम्स और सोशल मीडिया अक्सर बच्चों को भटका देते हैं। ऐसे में कुछ एजुकेशनल ऐप्स बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और मानसिक विकास में मदद कर सकते हैं।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)



फोटोमैथ (Photomath) बच्चों के लिए गणित को आसान बनाता है। ट्रिगोनोमेट्री, इक्वेशन्स और जटिल सवालों को समझने में यह ऐप मदद करता है। बच्चे कैमरे से सवाल स्कैन कर सकते हैं और स्टेप-बाय-स्टेप हल देख सकते हैं। इससे गणित के कॉन्सेप्ट्स क्लियर होते हैं और पढ़ाई में आत्मविश्वास बढ़ता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)



डुओलिंगो (Duolingo) बच्चों को खेल-खेल में नई भाषाएं सीखने में मदद करता है। 30 से अधिक भाषाएं सीखने की सुविधा देता है। चित्र मिलान और गेम आधारित लेवल से शब्दावली और व्याकरण मजबूत होता है। बच्चे अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं और धीरे-धीरे भाषा सीखने में दक्ष बनते हैं।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)



हेडस्पेस (Headspace) बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी है। छोटे ऑडियो सेशन तनाव कम करते हैं। परीक्षा या होमवर्क के दबाव के समय यह बच्चों को शांत रहने और ध्यान केंद्रित करने की कला सिखाता है। इससे पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य दोनों में संतुलन बना रहता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)



हेबिटिका (Habitica) बच्चों को जिम्मेदारी और अनुशासन सिखाता है। डेली टास्क पूरे करने पर डिजिटल अवतार को रिवार्ड्स मिलते हैं। होमवर्क, घर का काम और सफाई जैसे कार्यों को पूरा करने पर बच्चे गेम के जरिए प्रोत्साहित होते हैं। इससे बच्चों में जिम्मेदारी की भावना और स्व-विकास बढ़ता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
