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भारत ने 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस भव्य रूप से मनाया। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस साल का विषय था ‘वंदे मातरम् के 150 साल पूरे’ और परेड में कुल 30 झांकियां शामिल थीं। इनमें 17 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों और 13 केंद्रीय मंत्रालयों की झांकियां शामिल थीं।


जानकारी के लिए बता दें कि झांकियों की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम् और समृद्धि का मंत्र- आत्मनिर्भर भारत’ थी। इन झांकियों में देश के वीरता, संस्कृति, तकनीकी प्रगति, महिला और ग्रामीण विकास सहित आधुनिक भारत की विविध झलक दिखायी गई।



ऑपरेशन सिंदूर: ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर को झांकी में दर्शाया गया। इसमें ऑपरेशन की रणनीति और देश की सुरक्षा का सार संक्षेप में दिखाया गया।



गृह मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय: गृह मंत्रालय की झांकी में भारतीय न्याय संहिता के क्रियान्वयन और गुलामी की मानसिकता को मिटाने के प्रयासों को दिखाया गया। वहीं विद्युत मंत्रालय की झांकी में ‘स्मार्ट पावर, स्मार्ट होम’ को दर्शाया गया। ऊर्जा दक्षता और डिजिटल भारत की झलक दिखाई गई।



मध्य प्रदेश और ओडिशा: मध्य प्रदेश की झांकी में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की वीरता और उनके शासन के आदर्शों को प्रदर्शित किया गया। वहीं ओडिशा की झांकी में परंपरा से प्रगति का संदेश, महिला विकास और सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन में राज्य की उपलब्धियों को दिखाया गया।



मणिपुर और राजस्थान: मणिपुर की झांकी में जैविक खेती और पारंपरिक कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन किया गया, जो राज्य की प्राकृतिक समृद्धि दर्शाती है। वहीं राजस्थान की झांकी में दस्तकारी, बीकानेर की उस्ता कला और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को शानदार तरीके से प्रदर्शित किया गया।



सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी में सूचना के क्षेत्र में डिजिटल और संचार विकास को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया। संस्कृति मंत्रालय ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने की झलक के साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया।



पंजाब और हिमाचल प्रदेश: पंजाब की झांकी में गुरु तेग बहादुर के बलिदान और योगदान को दर्शाया गया। गुरुद्वारे की प्रतिकृति से आध्यात्मिक शक्ति प्रदर्शित हुई। वहीं हिमाचल की झांकी में वीर शूरवीरों को नमन और राज्य की प्राकृतिक सुंदरता व सांस्कृतिक विविधता को उजागर किया गया।



जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़: जम्मू-कश्मीर की झांकी में कृषि, केसर की खेती और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता दी गई। छत्तीसगढ़ की झांकी में डिजिटल विकास, बलिदानियों के प्रति सम्मान और राज्य की आधुनिक प्रगति को प्रदर्शित किया गया।



शिक्षा मंत्रालय: शिक्षा मंत्रालय की झांकी में प्रधानमंत्री स्कूल योजनाओं को दर्शाया गया और शिक्षा में डिजिटल और समग्र विकास को उजागर किया।



आयुष मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमशीलता: आयुष मंत्रालय की झांकी में प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके योगदान को दिखाया गया। वहीं झांकी में युवा कौशल और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रमों और भारत को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को दिखाया गया।



उत्तर प्रदेश, गुजरात और नागालैंड: उत्तर प्रदेश की झांकी में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के माध्यम से राज्य की विविध विरासत को दर्शाया गया। वहीं गुजरात की झांकी में ‘स्वदेशी, स्वावलंबन, वंदे मातरम्’ को प्रदर्शित करते हुए राज्य की आर्थिक और सांस्कृतिक उपलब्धियां दिखाई गई। नागालैंड की झांकी में हॉर्नबिल फेस्टिवल, संस्कृति, पर्यटन और आत्मनिर्भरता को शानदार ढंग से प्रस्तुत किया गया।



केरल और तमिलनाडु: केरल की झांकी में वॉटर मेट्रो, 100% डिजिटल साक्षरता और राज्य के विकासशील इंफ्रास्ट्रक्चर को दिखाया गया। वहीं तमिलनाडु की झांकी में ‘समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ की थीम के तहत राज्य की तकनीकी और सांस्कृतिक प्रगति दिखाई गई।
