हिंदी
कुलपति ने विद्यार्थियों से हिंदी के साथ-साथ अपनी-अपनी प्रांतीय भाषाओं के सम्मान और उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि भाषाई विविधता को सम्मान देते हुए हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना जरूरी है। कार्यक्रम के साथ विश्वविद्यालय में ऑनलाइन हिंदी कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इसमें भारतीय प्रबंधन संस्थान, अमृतसर के प्रबंधक (राजभाषा) श्री गोपाल ने अतिथि वक्ता के रूप में सहभागिता की। उन्होंने राजभाषा नीति और उसके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
Published : 12 September 2026, 3:43 PM IST