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केंद्र सरकार अब टेक्नोलॉजी के ज़रिए खेती-बाड़ी की योजनाओं को पूरी तरह ट्रांसपेरेंट बनाने पर काम कर रही है। नई ज़रूरतों के मुताबिक, अगर किसान समय पर अपनी यूनिक फार्मर ID नहीं ले पाते हैं, तो वे ₹2,000 की फाइनेंशियल मदद खो सकते हैं। इसलिए, सभी किसानों को सलाह दी जाती है कि अगली किस्त की तारीख आने से पहले अपना पेपरवर्क पूरा कर लें।
Published : 7 April 2026, 8:21 AM IST