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गाजियाबाद में केएफसी का शटर बंद करवा दिया और नजीर रेस्टोरेंट के बाहर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि मांस की बिक्री से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। हिन्दू संगठन ने प्रशासन से कांवड़ मार्ग से 100-200 मीटर की दूरी तक मांसाहारी रेस्टोरेंट्स बंद करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो विरोध और तेज किया जाएगा।
प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: इंटरनेट)
Ghaziabad News: गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र में सावन माह को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। जब हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने केएफसी और नजीर रेस्टोरेंट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्य कांवड़ यात्रा के दौरान मांसाहारी रेस्टोरेंट्स के संचालित होने पर नाराज थे और उनका आरोप था कि इस दौरान मांस की बिक्री से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने केएफसी का शटर बंद करवा दिया और नजीर रेस्टोरेंट के बाहर भी विरोध जताया। उनका कहना था कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्ग के आसपास मांस की बिक्री नहीं होनी चाहिए क्योंकि इससे यात्रा करने वाले भक्तों को मानसिक कष्ट पहुंचता है। हिंदू रक्षा दल ने चेतावनी दी है कि अगर सावन माह में मांस की बिक्री जारी रही तो वे अपना विरोध और तेज करेंगे।
संगठन का दावा
हिंदू रक्षा दल के नेताओं ने प्रशासन से यह मांग की कि कांवड़ मार्ग से 100 से 200 मीटर की दूरी तक स्थित सभी मांसाहारी रेस्टोरेंट सावन माह के दौरान बंद किए जाएं। उनका कहना था कि इन रेस्टोरेंट्स से उठने वाली मांस की गंध श्रद्धालुओं को आस्था के पथ पर चलने में विघ्न डालती है और उनकी भावनाओं को आहत करती है।
सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी
संगठन ने यह भी कहा कि लाखों लोग जब भक्ति में लीन होते हैं और भगवान शिव की पूजा में मग्न होते हैं, तब आस्था और श्रद्धा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो वे अपना विरोध और तेज करेंगे और आगे बढ़ते हुए प्रशासन के खिलाफ सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी।
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