संसद में बहस के बीच आधी रात लागू हुआ महिला आरक्षण कानून 2023, आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हुआ , आज लोकसभा में होगी वोटिंग

महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन और परिसीमन आयोग की स्थापना के लिए पेश किए गए तीन विधेयकों पर आज लोकसभा में मतदान होना तय है। इसी बीच, कल देर रात तक चली बहस के दौरान सरकार ने महिला आरक्षण कानून को पूरे देश में लागू कर दिया है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 17 April 2026, 9:59 AM IST

New Delhi: संसद में जारी गहन बहस के बीच केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाते हुए महिला आरक्षण कानून 2023 को देशभर में लागू कर दिया है। गुरुवार देर रात तक चली चर्चा के दौरान ही इस अधिनियम को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई, जिससे राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

आधी रात के बाद लागू हुआ कानून

सरकार ने "नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम 2023" को 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी घोषित कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया जब लोकसभा में इस कानून पर लगातार बहस जारी थी। गुरुवार को इस विधेयक पर चर्चा देर रात करीब 1:20 बजे तक चली और आज भी दिनभर इस पर बहस जारी रहने के बाद शाम करीब 4 बजे मतदान प्रस्तावित है।

Parliament Special Session: सपा ने लोकसभा में पेश तीन विधेयकों का क्यों किया विरोध, जानिये क्या बोले अखिलेश यादव?

लोकसभा में पेश होंगे तीन महत्वपूर्ण विधेयक

इस बीच केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा 16 अप्रैल को पेश किए गए प्रस्ताव पर आगे विचार करते हुए सरकार तीन अहम विधेयकों को लोकसभा में पारित कराने की तैयारी में है। इनमें संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 शामिल हैं। इन विधेयकों का उद्देश्य महिला आरक्षण कानून को लागू करने और परिसीमन आयोग की स्थापना को सुनिश्चित करना है।

देर रात तक चली तीखी बहस

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गुरुवार को संसद में तीखी बहस देखने को मिली। विभिन्न दलों के सांसदों ने अपने-अपने विचार रखे और कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जारी इस बहस के बीच सरकार द्वारा इसे लागू करने का फैसला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कानून लागू, लेकिन सवाल बरकरार

केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए 16 अप्रैल 2026 से इस कानून को लागू किया गया है। हालांकि, इस फैसले के समय को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि संसद में अभी इस कानून में संशोधन और इसके संभावित क्रियान्वयन वर्ष 2029 तक टालने पर चर्चा जारी है।

Parliament Special Session: संसद का विशेष सत्र आज से, महिला आरक्षण और परिसीमन पर टकराव तेज

क्या है महिला आरक्षण कानून

महिला आरक्षण कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। यह कानून महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया है।

हालांकि, 2023 में पारित इस कानून के प्रावधानों के अनुसार इसका वास्तविक क्रियान्वयन तत्काल संभव नहीं है। यह प्रक्रिया 2027 की जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ी हुई है। ऐसे में इस कानून के तहत आरक्षण का लाभ 2034 से पहले लागू नहीं हो पाएगा।

राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर नई हलचल

महिला आरक्षण कानून को लागू करने की अधिसूचना जारी होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके समय और प्रक्रिया को लेकर बहस जारी है।

अब सभी की नजरें लोकसभा में होने वाली वोटिंग और आगे के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

Location :  New Delhi

Published :  17 April 2026, 9:59 AM IST