
नगीना के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने EC से की मांग
New Delhi/Lucknow: उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अखिलेश यादव के आरोपों के बाद, नगीना के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। चंद्रशेखर ने साफ किया है कि अगर किसी नागरिक का नाम गलत इरादे से हटाया गया है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज की जानी चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे अपने पत्र में, चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से मिली शिकायतों से यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम "धोखाधड़ी" से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक नागरिक का सीधा संवैधानिक अधिकार है। अगर नाम हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और सार्वजनिक जांच के दायरे में नहीं आती है, तो इससे चुनावों की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा कम होगा।
सांसद ने मांग की कि लिस्ट को सार्वजनिक किया जाए और नाम हटाने के कारणों की जानकारी दी जाए। उन्होंने मांग की कि हर पोलिंग बूथ स्तर पर जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनकी लिस्ट "हटाने के स्पष्ट कारणों" के साथ सार्वजनिक रूप से प्रकाशित की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि संबंधित नागरिकों को समय पर सूचित किया जाए ताकि वे अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठा सकें।
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अपने पत्र में, सांसद चंद्रशेखर ने दोषी अधिकारियों की जवाबदेही के संबंध में सबसे कड़ी मांग की। उन्होंने कहा कि अगर यह पाया जाता है कि किसी भी पोलिंग बूथ पर किसी मतदाता का नाम गलत या दुर्भावनापूर्ण तरीके से हटाया गया है, तो उस क्षेत्र के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM)/इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी कड़ी कार्रवाई प्रशासनिक मनमानी पर रोक लगाएगी और अधिकारियों को वोट देने जैसे पवित्र अधिकार से छेड़छाड़ करने से रोकेगी।
विपक्ष का आरोप है कि एक खास रणनीति के तहत कुछ समुदायों के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। चंद्रशेखर आज़ाद का पत्र ऐसे समय में आया है जब आगामी चुनावों से पहले राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग पर हैं कि वह इन गंभीर आरोपों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांगों पर क्या रुख अपनाता है।
Location : Lucknow
Published : 5 February 2026, 2:41 PM IST
Topics : Akhilesh Yadav Samajwadi Party UP SIR UP News