क्या नियमों के ‘दांव-पेच’ में उलझकर रह गईं विनेश फोगाट? जानिए क्यों बंद हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के दरवाजे

क्या नियमों के 'दांव-पेच' में उलझकर रह गईं स्टार पहलवान विनेश फोगाट? 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल से ठीक पहले दिल्ली हाईकोर्ट से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। WFI के सर्कुलर, 14 सितंबर के ट्रायल और मातृत्व के बाद वापसी की इस जंग में आखिर कोर्ट का क्या फैसला रहा?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 September 2026, 12:47 PM IST

New Delhi: पहलवान विनेश फोगाट को 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में उतरने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 14 सितंबर को होने वाले ट्रायल में शामिल होने के लिए पात्रता नियमों में अंतरिम छूट देने से इनकार कर दिया है।

हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट की उस मांग को स्वीकार नहीं किया, जिसमें उन्होंने 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के महिला चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने देर रात जारी अंतरिम आदेश में कहा कि मौजूदा स्थिति में पात्रता नियमों में अस्थायी छूट देकर विनेश को ट्रायल में शामिल करने का आधार नहीं बनता।अदालत ने कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की ओर से 7 सितंबर को जारी किए गए सर्कुलर में जो नियम तय किए गए हैं, वे सभी पहलवानों पर समान रूप से लागू होते हैं।

तय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना जरूरी

अदालत ने अपने आदेश में साफ किया कि जो खिलाड़ी निर्धारित प्रतियोगिताओं में किसी भी कारण से हिस्सा नहीं ले पाया है, वह WFI की तय पात्रता श्रेणियों में शामिल नहीं होता। ऐसे में विनेश फोगाट को केवल उनकी मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर नियमों से अलग राहत देना उचित नहीं होगा।

कोर्ट ने यह भी माना कि विनेश की स्थिति सामान्य खिलाड़ियों से अलग रही है। उनकी गर्भावस्था, बच्चे के जन्म और इसके बाद स्वास्थ्य लाभ के समय को नीति की वैधता पर सुनवाई के दौरान ध्यान में रखना जरूरी होगा। हालांकि, अदालत ने कहा कि अंतरिम स्तर पर इन परिस्थितियों के आधार पर पात्रता नियमों को दरकिनार नहीं किया जा सकता।

ये भी पढ़ें: Vinesh Phogat: सियासी अखाड़े में विनेश फोगाट की जीत के मायने और पहली प्रतिक्रिया

मातृत्व अवकाश के बाद वापसी का मामला

विनेश फोगाट ने अपनी मुख्य याचिका में गर्भावस्था और मातृत्व अवकाश के बाद खेल में वापसी करने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए एक निष्पक्ष और व्यवस्थित व्यवस्था बनाने की मांग की थी। इसी मामले में उन्होंने बाद में एक आवेदन दाखिल कर WFI के 7 सितंबर के सर्कुलर पर रोक लगाने की मांग की। इस सर्कुलर के तहत 14 सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम में विश्व चैंपियनशिप के लिए महिला चयन ट्रायल आयोजित किया जाना है।

विनेश का कहना था कि मौजूदा पात्रता नियमों के कारण वह इस ट्रायल में हिस्सा नहीं ले पा रही हैं। उन्होंने अदालत से नियमों में राहत देने की अपील की थी, ताकि वह विश्व चैंपियनशिप के लिए चयन प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें।

अस्ताना में होगी विश्व चैंपियनशिप

2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप का आयोजन 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक कजाखस्तान के अस्ताना में होना है। इसी प्रतियोगिता के लिए भारतीय महिला पहलवानों के चयन को लेकर 14 सितंबर को ट्रायल होना है। विनेश फोगाट की कोशिश थी कि उन्हें इन ट्रायल में उतरने का मौका मिले, लेकिन हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल उनकी यह उम्मीद पूरी होती नजर नहीं आ रही है।

ये भी पढ़ें: Vinesh Phogat: विनेश फोगाट ने जुलाना से फूंका चुनावी बिगुल

नीति की वैधता पर अभी अंतिम फैसला नहीं

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उसने WFI के सर्कुलर की वैधता पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। अदालत ने लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही के गुण-दोष पर भी कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है।

अदालत ने कहा कि यदि केवल विनेश को अंतरिम राहत दी जाती है और समान परिस्थितियों वाले दूसरे खिलाड़ियों को ऐसी राहत नहीं मिलती, तो इससे असमान व्यवहार की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए नीति की वैधता पर अंतिम निर्णय से पहले अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद विनेश फोगाट के 2026 विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में शामिल होने का रास्ता बंद हो गया है। हालांकि, मुख्य याचिका में मातृत्व अवकाश के बाद महिला खिलाड़ियों की वापसी से जुड़े नियमों और नीति की वैधता पर आगे सुनवाई जारी रहेगी।

Location :  New Delhi

Published :  11 September 2026, 12:47 PM IST