
पंचायतों की जमीन पर बनेंगे EV स्टेशन (Image Source: Internet)
New Delhi: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पंचायती राज मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय की एजेंसी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) के बीच समझौता हुआ है। इस पहल के तहत ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत और जिला पंचायतें अपने अधिकार क्षेत्र की जमीन इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए उपलब्ध कराएंगी। इसके बदले पंचायतों को अपने राजस्व में आय का एक नया स्रोत मिलेगा।
पंचायती राज मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित जन योजना अभियान की कार्यशाला के दौरान इस संबंध में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। योजना के अनुसार, पंचायतें चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराएंगी। ऊर्जा मंत्रालय की एजेंसी नियम और शर्तों के अधीन इस जमीन को 10 साल के लिए लीज पर लेगी।
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सीईएसएल की प्राथमिकता राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित पंचायतों की जमीन के साथ पंचायत कार्यालयों से लगी भूमि होगी। इन स्थानों पर ऐसे स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जहां दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया, मध्यम और भारी श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा मिल सके।
चयनित स्थलों पर चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने से पहले सीईएसएल स्थल का आकलन करेगी और वहां मांग का अनुमान लगाएगी। इसके बाद स्टेशन के लिए आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। स्टेशन के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी के पास रहेगी।
भूमि उपलब्ध कराने के लिए पंचायती राज मंत्रालय संबंधित राज्यों के पंचायती राज विभागों के साथ समन्वय करेगा। एमओयू के दौरान सीईएसएल की ओर से बताया गया कि इस समझौते के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
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सीईएसएल के मुताबिक, आगर कोई पंचायत चार्जिंग स्टेशन के लिए 100 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध कराती है, तो उसे औसतन चार हजार रुपये प्रति माह की आय होने का अनुमान है। स्टेशन के संचालन और रखरखाव पर होने वाला खर्च एजेंसी उठाएगी। इसके लिए पंचायतों को अपनी आय से कोई राशि खर्च नहीं करनी होगी।
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि इस साझेदारी से पंचायतों के स्वयं के राजस्व (ओएसआर) में वृद्धि होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में ईवी से जुड़ा बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और गांवों तथा आसपास के इलाकों में कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। मंत्रालय के सचिव विनीत जोशी ने भी इस पहल के महत्व पर विचार रखे।
गौरतलब है कि फरवरी 2026 में संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, देश में 29,151 सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो चुके थे। पीएम-ई ड्राइव योजना के तहत इनकी संख्या बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। सीईएसएल ने स्थानीय निकायों की जमीन पर स्टेशन स्थापित करने के लिए नगर निकायों से भी बातचीत शुरू की है। हालांकि, इस दिशा में उसका पहला समझौता पंचायती राज मंत्रालय के साथ हुआ है।
Location : New Delhi
Published : 30 October 2026, 11:48 PM IST