
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Source: Pinterest)
New Delhi: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 18 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दोनों मिलकर विपक्षी दलों को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के उस फैसले पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके आरक्षित ‘Flowers and Grass’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाई गई है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में पहले शिवसेना, फिर NCP और अब TMC का जिक्र करते हुए एक कथित पैटर्न का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने इसे ‘पार्टी चोरी’ बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग को जनता के जनादेश की रक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा केवल ममता बनर्जी से जुड़ा नहीं है, बल्कि उन राजनीतिक दलों और मतदाताओं से भी संबंधित है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था चाहते हैं। राहुल गांधी के ये आरोप राजनीतिक बयान हैं; चुनाव आयोग के आदेश में ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया है कि आयोग ने किसी राजनीतिक दल को तोड़ने के लिए कार्रवाई की।
चुनाव आयोग ने TMC के भीतर संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद के बीच अंतरिम आदेश जारी किया है। आयोग के मुताबिक दोनों पक्ष खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बताते हुए पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं।
आयोग ने फिलहाल ‘All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Flowers and Grass’ प्रतीक के इस्तेमाल पर दोनों गुटों को रोक दिया है। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों तक अंतरिम तौर पर लागू रहेगी।
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आयोग के आदेश के मुताबिक दोनों गुटों को वैकल्पिक पार्टी नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प देने होंगे। आयोग उपलब्ध विकल्पों में से नियमों के अनुसार नाम और प्रतीक आवंटित करेगा।
यह फैसला पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों से पहले आया है। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा व्यवस्था अंतरिम है। पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अंतिम फैसला संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा। आयोग ने दोनों पक्षों से संगठनात्मक दावों से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं।
इस बीच TMC की ओर से आयोग के आदेश पर आपत्ति जताते हुए वैकल्पिक नाम और चिह्न के विकल्प जमा किए गए हैं। पार्टी ने यह प्रक्रिया विरोध दर्ज कराते हुए पूरी की है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राहुल गांधी के बयान ने TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
Location : New Delhi
Published : 18 September 2026, 1:00 PM IST