संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और वैश्विक हालात को लेकर तीखा हमला बोला। बजट 2026–27 पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और अब अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस और अन्य ताकतें चुनौती दे रही हैं।

लोकसभा में राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला
New Delhi: संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और वैश्विक हालात को लेकर तीखा हमला बोला। बजट 2026–27 पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और अब अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस और अन्य ताकतें चुनौती दे रही हैं। उनके मुताबिक दुनिया एक स्थिर सुपरपावर व्यवस्था से निकलकर अस्थिर वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है।
राहुल गांधी ने सदन में कहा कि आज के दौर में डॉलर, कच्चा तेल और ऊर्जा-वित्त को भू-राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी अस्थिर वैश्विक स्थिति में भारत को बेहद संतुलित और लोगों-केंद्रित आर्थिक नीति अपनाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा डेटा पूल है, जिसका सही उपयोग देश की आर्थिक ताकत को बढ़ा सकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा नीतियां देशहित से ज्यादा चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाली दिखाई देती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश की संपत्तियों को बेचने की दिशा में काम कर रही है। जैसे ही उन्होंने उद्योगपति और प्रधानमंत्री का नाम जोड़कर टिप्पणी की, सदन में सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया और माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया।
राहुल गांधी ने कहा कि अगर INDIA गठबंधन की सरकार होती तो अमेरिका सहित वैश्विक शक्तियों से बातचीत अलग तरीके से की जाती। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के किसान भी अमेरिका के किसानों जितने ही महत्वपूर्ण हैं और देश की ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ट्रंप ने टैरिफ बढ़ा दिए। अब क्या अमेरिका तय करेगा कि भारत कहां से तेल खरीदे? अगर अमेरिका टैरिफ बढ़ाकर यह कहता है कि आप यहां से तेल नहीं खरीद सकते, तो इसका सीधा मतलब है कि एनर्जी सेक्टर का हथियारीकरण हो रहा है।@RahulGandhi @INCIndia… pic.twitter.com/zU1h9PUjWt
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) February 11, 2026
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने मार्शल आर्ट्स का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक क्रम होता है—ग्रिप, चोक और टैप। उन्होंने इसे राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि सियासत में भी दबाव, नियंत्रण और सरेंडर की प्रक्रिया होती है, लेकिन वह अक्सर छिपी रहती है। उनके इस उदाहरण पर सदन में हलचल और चर्चा दोनों देखने को मिलीं।
लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण ने बजट सत्र की बहस को और तीखा बना दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में बजट पर चर्चा और राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।