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26 दुकानों के आवंटन पर उठे सवाल (Source: Dynamite News)
Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में ऐतिहासिक आर्य समाज संस्था से जुड़ा 1.99 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय हेराफेरी का मामला सामने आया है। चौक बजाजा स्थित संस्था में दुकानों के आवंटन और धनराशि के लेनदेन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने संस्था के पूर्व प्रधान रामगोपाल आर्य और पूर्व कोषाध्यक्ष राजेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में 26 दुकानों का आवंटन भी निरस्त कर दिया गया है।
आर्य प्रतिनिधि सभा, लखनऊ से संबद्ध प्रतापगढ़ की जिला इकाई में रामगोपाल आर्य पूर्व प्रधान और राजेश पूर्व कोषाध्यक्ष के पद पर थे। संस्था के नवनियुक्त प्रशासक विजय सिंह की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक, दोनों पदाधिकारियों पर संस्था की जमीन पर नियमों के विपरीत 26 दुकानों का आवंटन करने और दुकानदारों से रकम लेकर एग्रीमेंट करने का आरोप है।
शिकायत में दावा किया गया है कि इन दुकानों के आवंटन और एग्रीमेंट से करीब 1.99 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, लेकिन यह धनराशि संस्था के आधिकारिक बैंक खाते में जमा नहीं कराई गई। आरोप यह भी है कि दुकानदारों को संस्था की ओर से वैध रसीदें नहीं दी गईं। मामला सामने आने के बाद सभी 26 दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया गया।
प्रशासक विजय सिंह ने पूर्व पदाधिकारियों पर संस्था की 30 लाख रुपये की धनराशि शहर के एक व्यापारी को ब्याज पर देने का भी आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, इस मामले में संपर्क किए जाने के बाद व्यापारी से 23 लाख रुपये लिखित रूप से वापस कराए गए हैं। शेष राशि के संबंध में उपलब्ध विवरण में पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद आर्य प्रतिनिधि सभा, लखनऊ ने प्रतापगढ़ की प्रबंध कार्यकारिणी भंग कर दी और विजय सिंह को नया प्रशासक नियुक्त किया। इसके बाद प्रशासक ने कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर अदालत का रुख किया।
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सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने पूर्व प्रधान और पूर्व कोषाध्यक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सीओ सिटी प्रतापगढ़ आशुतोष मिश्रा के मुताबिक, मामले में सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि विवेचना और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच होनी बाकी है। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही कथित वित्तीय हेराफेरी और धनराशि के लेनदेन की स्थिति स्पष्ट होगी।
Location : Pratapgarh
Published : 11 October 2026, 3:31 PM IST