
पीएम मोदी के दौरे से इंडो-पैसिफिक में बदले समीकरण (Img: AI)
New Delhi: भारत लगातार इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्राओं को इस दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इस दौरे का मकसद इन देशों के साथ आर्थिक, रक्षा और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है। जानकारों का मानना है कि भारत की बढ़ती भागीदारी इस क्षेत्र में नए रणनीतिक समीकरण बना रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा किया, जहां कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। भारत का लक्ष्य इन देशों के साथ व्यापार, रक्षा और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। इससे न सिर्फ द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि क्षेत्र में ज्यादा स्थिरता भी आएगी।
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दौरे पर निकलने से पहले, पीएम मोदी ने कहा कि यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी', 'ओशन विज़न' और 'आजाद और खुले इंडो-पैसिफिक' के विजन को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। उन्होंने विकास, सुरक्षा और नए मौकों पर सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम करने के भारत के संकल्प पर जोर दिया और कहा कि इससे युवाओं और कारोबारी समुदाय, दोनों को फायदा होगा।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दुनिया के कुछ सबसे अहम समुद्री रास्ते आते हैं; इसलिए, वहां शांति और सुरक्षा बनाए रखना सभी देशों के लिए जरूरी है। भारत समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए अपने सहयोगी देशों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
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हाल के समय में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बड़े रणनीतिक बदलाव देखे गए हैं। चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और मिसाइल परीक्षणों के बाद कई देशों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। ऐसे में, भारत मित्र देशों के साथ सहयोग बढ़ाकर क्षेत्र में संतुलन और शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। नतीजतन, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को भारत की विदेश नीति और उसकी इंडो-पैसिफिक रणनीति के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।
Location : New Delhi
Published : 11 July 2026, 3:36 PM IST