
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स-इंटरनेट)
New Delhi: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और फ्यूल सप्लाई पर असर के बाद दुनियाभर में LPG और PNG की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। भारत में भी कई शहरों में सिलेंडर महंगे हो गए हैं और कहीं-कहीं कमी की खबरें सामने आई हैं। ऐसे माहौल में कुकिंग के लिए एक नया विकल्प- प्लाज्मा इलेक्ट्रिक स्टोव- तेजी से चर्चा में आ रहा है, जिसे भविष्य की किचन टेक्नोलॉजी माना जा रहा है।
प्लाज्मा इलेक्ट्रिक स्टोव एक ऐसा कुकिंग अप्लायंस है जो गैस के बजाय बिजली से काम करता है, लेकिन खास बात यह है कि यह गैस स्टोव जैसी असली लौ (फ्लेम) पैदा करता है। पारंपरिक इंडक्शन कुकटॉप से अलग, इसमें सीधे बर्तन के नीचे गर्मी महसूस होती है और कुकिंग का अनुभव भी गैस जैसा ही रहता है।
इस स्टोव में बिजली के जरिए हवा को आयनाइज किया जाता है, जिससे प्लाज्मा फ्लेम बनती है। यह फ्लेम बिना किसी ईंधन के जलती है और इसका तापमान 1200 से 1300 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इतनी तेज गर्मी के कारण यह रोटी बनाने, तड़का लगाने, डीप फ्राइंग और वोक कुकिंग जैसे भारतीय तरीकों के लिए भी उपयुक्त है।
इंडक्शन के विपरीत, प्लाज्मा स्टोव में किसी खास बर्तन की जरूरत नहीं होती। यह स्टील, एल्युमिनियम, लोहे और पीतल के बर्तनों के साथ आसानी से काम करता है। कई मॉडलों में नॉब-आधारित कंट्रोल दिए जाते हैं, जिससे उपयोग करना आसान हो जाता है और गैस स्टोव जैसा ही अनुभव मिलता है।
इस स्टोव का एक बड़ा फायदा यह है कि इसमें गैस लीकेज का कोई खतरा नहीं होता। इसमें ओवरहीट प्रोटेक्शन, ऑटो शट-ऑफ और मजबूत ग्लास टॉप जैसी सुरक्षा सुविधाएं शामिल होती हैं। इससे यह पारंपरिक गैस स्टोव के मुकाबले अधिक सुरक्षित विकल्प बन सकता है।
प्लाज्मा इलेक्ट्रिक स्टोव की पावर आमतौर पर 2500W से 6000W के बीच होती है और यह 220V AC पर चलता है। इसका वजन करीब 10 किलो होता है और यह सिंगल व डबल बर्नर विकल्पों में उपलब्ध है। भारतीय बाजार में इसकी शुरुआती कीमत लगभग 35,000 रुपये बताई जा रही है।
अगर इसे सोलर एनर्जी योजनाओं के साथ जोड़ा जाए, तो यह LPG पर निर्भरता कम कर सकता है, बिजली से सस्ती कुकिंग संभव बना सकता है और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसकी ऊंची शुरुआती लागत और बिजली पर निर्भरता जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं।
Location : New Delhi
Published : 11 April 2026, 8:28 AM IST