Parliament Special Session: संसद का विशेष सत्र आज से, महिला आरक्षण और परिसीमन पर टकराव तेज

संसद का विशेष सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन के साथ परिसीमन पर बड़ी बहस होगी। लोकसभा सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है, जहां सरकार और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिल सकता है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 16 April 2026, 8:14 AM IST

New Delhi: नई दिल्ली में संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो 16 से 18 अप्रैल तक चलेगा। इस सत्र में सरकार का मुख्य फोकस महिला आरक्षण से जुड़े कानून में संशोधन और परिसीमन के मुद्दे पर रहेगा। राजनीतिक रूप से यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई संवैधानिक बदलावों पर चर्चा होने वाली है।

महिला आरक्षण कानून पर संशोधन की तैयारी

सरकार 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन की तैयारी कर रही है। इसके तहत प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश किया जा सकता है। यह विधेयक महिला आरक्षण को लागू करने के साथ-साथ सीटों के पुनर्गठन की प्रक्रिया को भी प्रभावित करेगा। सरकार इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।

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लोकसभा सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव

प्रस्तावित विधेयक में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा। साथ ही, 2026 से पहले की जनगणना के आधार पर परिसीमन की अनुमति देने की बात भी शामिल है। सरकार का कहना है कि इससे जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व अधिक संतुलित होगा।

परिसीमन बना टकराव का केंद्र

इस सत्र का सबसे बड़ा विवाद परिसीमन को लेकर है। विपक्ष का आरोप है कि नई प्रक्रिया से दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जबकि उत्तरी राज्यों को इसका लाभ मिलेगा। इस मुद्दे पर संसद में तीखी बहस और टकराव की संभावना जताई जा रही है।

विपक्ष का कड़ा रुख

लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने परिसीमन को सत्ताधारी दल की “खतरनाक योजना” करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन परिसीमन की प्रक्रिया निष्पक्ष और संतुलित होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने सरकार से पहले से पारित कानून को लागू करने की मांग की है।

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सरकार का जवाब और आश्वासन

केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने विपक्ष की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि परिसीमन आयोग सभी राजनीतिक दलों से व्यापक चर्चा करेगा। सरकार का दावा है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से पूरी की जाएगी।

राजनीतिक असर और आगे की राह

विशेष सत्र के दौरान होने वाली बहस का असर आने वाले समय की राजनीति पर पड़ सकता है। खासकर क्षेत्रीय संतुलन और प्रतिनिधित्व का मुद्दा आगे भी चर्चा का केंद्र बना रहेगा। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सहमति बन पाती है या नहीं।

Location :  New Delhi

Published :  16 April 2026, 8:14 AM IST