चाईबासा से रांची तक ‘नो एंट्री’ की मांग पर न्याय पद यात्रा शुरू, 1 मई को पहुंचेगी मुख्यमंत्री आवास

कोल्हान के चाईबासा शहर के बाईपास एमडीआर-177 में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ‘नो एंट्री’ लागू करने की मांग लंबे समय से उठ रही है। 27 सितंबर 2025 को मंत्री दीपक बिरुआ को मांग पत्र सौंपने के लिए तांबो चौक पर हजारों लोग एकत्र हुए थे। इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 26 April 2026, 10:25 PM IST
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Chaibasa City: चाईबासा शहर में ‘नो एंट्री’ लागू करने की मांग को लेकर रविवार को तांबो चौक से न्याय पद यात्रा की शुरुआत हुई। यह यात्रा नो एंट्री आंदोलन समिति के संयोजक रमेश बालमुचू के नेतृत्व में निकाली गई। पद यात्रा 26 अप्रैल से शुरू होकर कई गांवों और जंगलों से होते हुए 1 मई को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचेगी।

इस यात्रा में सैकड़ों ग्रामीणों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। यात्रा के दौरान रास्ते में भी लोग जुड़ते जा रहे हैं। चिलचिलाती धूप के बावजूद महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर यात्रा में शामिल हुई हैं। सभी प्रतिभागी हाथों में तिरंगा झंडा और मांगों से संबंधित तख्तियां लिए हुए थे। इस दौरान स्थानीय विधायक सह-परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, जिला प्रशासन और उद्योगपतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

क्या है मामला?

कोल्हान के चाईबासा शहर के बाईपास एमडीआर-177 में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ‘नो एंट्री’ लागू करने की मांग लंबे समय से उठ रही है। 27 सितंबर 2025 को मंत्री दीपक बिरुआ को मांग पत्र सौंपने के लिए तांबो चौक पर हजारों लोग एकत्र हुए थे। इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। घटना के बाद मंत्री आवास के पास धरना, सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस पर पथराव के आरोप में 16 लोगों को जेल भेजा गया था। साथ ही 74 नामजद और 500 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ 28 सितंबर को मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज किया गया।

मुख्य मांगें

  1. लाठीचार्ज मामले में दर्ज सभी केस वापस लिए जाए।
  2. एमडीआर-177 (चाईबासा बाईपास), एएच-75ई और एनएच-220 पर ‘नो एंट्री’ लागू किया जाए।
  3. लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।
  4. सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।

न्याय नहीं मिलने का आरोप

आंदोलनकारियों का कहना है कि वे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, उपायुक्त, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों से न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री दीपक बिरुआ से मिलने का भी प्रयास किया गया, लेकिन समय नहीं मिला। इसके विरोध में यह पद यात्रा निकाली गई है।

ये लोग रहे शामिल

पद यात्रा में देवेन्द्र नाथ चंपिया, प्रदीप बालमुचू, दुर्गाप्रसाद जामुदा, सुशील पुरती, रमय पुरती, बमीया बारी, सुरेश सोय, करण सिंह मुंडा, वीर सिंह बिरूली, रवि बिरूली, संचु तिर्की, नवल कच्छप, सिद्धार्थ होनहागा, जयंती बिरूली, सुनील सिरका, विष्णु मिंज, सुशीला देवगम, कृष्णा टोप्पो, पंकज खलखो, महेंद्र जामुदा, रियांस सामड, साधु बानरा, संजय देवगम, सन्नी देवगम सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, बच्चे और विभिन्न संगठनों के सदस्य शामिल हुए।

Location :  Jharkhand

Published :  26 April 2026, 10:23 PM IST

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