
देश में नई श्रम व्यवस्था लागू(Source: Google)
New Delhi: भारत के श्रम जगत में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। 21 नवंबर 2025 से देश में 29 पुराने श्रम कानूनों को समाहित कर चार नई श्रम संहिताएं (Labour Codes) लागू कर दी गई हैं। एक कार्यक्रम में उप श्रम आयुक्त दिव्य प्रताप सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में भी इन संहिताओं का ड्राफ्ट तैयार है और जल्द ही इन्हें प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा।
नई व्यवस्था में श्रमिकों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। जहाँ पहले ग्रेच्युटी के लिए 5 साल की निरंतर सेवा अनिवार्य थी, वहीं अब मात्र 1 साल की सेवा के बाद ही कर्मचारी ग्रेच्युटी का हकदार होगा। इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी सप्ताह में 48 घंटे से अधिक कार्य करता है, तो उसे निर्धारित दर से दोगुना ओवरटाइम दिया जाएगा।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब संस्थानों को अपने सभी कर्मचारियों का रिकॉर्ड डिजिटल फॉर्मेट में रखना अनिवार्य होगा। वेतन का भुगतान भी केवल बैंक खातों के माध्यम से किया जाएगा। नई संहिताओं में यह भी प्रावधान है कि कुल वेतन का कम से कम 50% हिस्सा मूल वेतन (Basic Pay) और भत्तों को मिलाकर होना चाहिए।
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर: जोमैटो, स्विगी और अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़े वर्कर को भी अब सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।
महिला सुरक्षा: महिलाओं से उनकी सहमति के बिना रात्रि ड्यूटी नहीं कराई जा सकेगी। नाइट शिफ्ट के दौरान उनकी सुरक्षा और परिवहन (Transport) की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
ईएसआई और पीएफ: 20 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थान में PF और 10 से अधिक वाले में ESI देना अनिवार्य होगा।
उप श्रम आयुक्त के अनुसार, 29 अलग-अलग कानूनों की जटिलता को खत्म कर चार मुख्य संहिताएं लागू की गई हैं:
वेतन संहिता 2019
सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020
औद्योगिक संबंध संहिता 2020
ओएसएच संहिता 2020 (व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति)
Location : New Delhi
Published : 12 May 2026, 7:12 AM IST