Naravane Memoir Row: जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब पर प्रकाशक पेंगुइन ने दी ये सफाई

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर लोकसभा में पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा मचा हुआ है। दिल्ली पुलिस द्वारा मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने मामले के बाबत अपनी सफाई दी है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 10 February 2026, 3:48 AM IST

New Delhi: पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर देश में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोकसभा में इसके कुछ अंश को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच तकरार चल रही है जिसके चलते संसद के निचले सदन में गतिरोध पैदा हो गया है। इस बीच प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने मामले में सफाई दी है।

जानकारी के अनुसार पेंगुइन की तरफ से यह स्पष्टीकरण दिल्ली पुलिस द्वारा पांडुलिपि को डिजिटल और अन्य प्रारूपों में कथित रूप से अवैध रूप से प्रसारित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के बाद आया है।

पेंगुइन ने दिया अपना स्पष्टीकरण

प्रकाशक पेंगुइन ने साफ कहा है कि किताब के एकमात्र प्रकाशन अधिकार सिर्फ उनके पास हैं, लेकिन यह अब तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। न तो इसकी कोई छपी हुई प्रति और न ही डिजिटल संस्करण (ई-बुक, पीडीएफ आदि) बाजार में जारी किया गया है।

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पब्लिशर ने आगे कहा कि अगर किताब की कोई प्रति, पूरी या आंशिक, किसी भी रूप में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, तो वह कॉपीराइट का उल्लंघन है। ऐसे सभी मामलों में उस सामग्री का प्रसार तुरंत बंद किया जाना चाहिए। प्रकाशक ने यह भी साफ किया कि किताब के अवैध और अनधिकृत प्रसार के खिलाफ वे कानून के तहत उपलब्ध सभी कदम उठाएंगे। यह बयान इसलिए जारी किया गया है ताकि प्रकाशक की स्थिति को रिकॉर्ड पर साफ तौर पर रखा जा सके।

दिल्ली पुलिस ने की एफआईआर दर्ज

वहीं किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के कथित रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, इस पुस्तक को अभी संबंधित प्राधिकरणों से प्रकाशन की आवश्यक अनुमति नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, अभी तक अनुमोदित न हुई किसी प्रकाशन सामग्री के कथित रिसाव या उल्लंघन की गहन जांच के लिए विशेष प्रकोष्ठ में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

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बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2 फरवरी को लोकसभा में इस संस्मरण के अंशों पर बोलना चाहते थे, लेकिन पुस्तक के अभी तक प्रकाशित न होने के कारण उन्हें लोकसभा अध्यक्ष ने ऐसा करने से रोक दिया था। जिसके बाद से सदन में हगांमा मच गया और अभी तक गतिरोध चल रहा है।

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  • 10 February 2026, 3:48 AM IST