श्रावणी मेले में लाखों की भीड़, ऊपर से मच्छरों का खतरा… झारखंड में 17 हजार मलेरिया केस से बढ़ी चिंता

झारखंड में इस साल अब तक करीब 17 हजार मलेरिया के मामले सामने आने की बात कही जा रही है। बारिश, जलजमाव और श्रावणी मेले में जुट रही भीड़ के बीच देवघर में भी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। संथाल परगना के कई जिलों में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मेला क्षेत्र से लेकर शहर तक निगरानी और जांच तेज कर दी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 25 August 2026, 4:44 PM IST

Deoghar: बारिश की बूंदों के साथ जहां मौसम सुहाना हुआ है, वहीं देवघर में मच्छरों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ऊपर से श्रावणी मेले में देशभर से पहुंच रही लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। जलजमाव, उमस और बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के बीच मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। झारखंड में इस साल अब तक करीब 17 हजार मलेरिया के मामले सामने आने की बात कही जा रही है। संथाल परगना के गोड्डा और साहिबगंज समेत कई जिलों में बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है।

संथाल परगना में बढ़े मामले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक पूरे झारखंड में करीब 17 हजार लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। अकेले संथाल परगना प्रमंडल में करीब दो हजार लोग मलेरिया की चपेट में आ चुके हैं। गोड्डा और साहिबगंज जैसे जिलों में स्थिति ज्यादा संवेदनशील बताई जा रही है। बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है। ऐसे में आसपास के जिलों में बढ़ रहे मलेरिया के मामलों को देखते हुए देवघर स्वास्थ्य विभाग भी अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

मेला ड्यूटी में तैनात दो पुलिसकर्मी भी पॉजिटिव

श्रावणी मेले के दौरान ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों में भी मलेरिया के मामले सामने आ चुके हैं। जांच के दौरान दो पुलिसकर्मी मलेरिया पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध कर्मचारियों की जांच कराई और संक्रमित मिले पुलिसकर्मियों का इलाज शुरू कराया गया। मेला ड्यूटी में हजारों पुलिसकर्मी और कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य की निगरानी भी अब महत्वपूर्ण हो गई है।

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मेला क्षेत्र से शहर तक जांच और निगरानी

देवघर के सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा के मुताबिक श्रावणी मेला में देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मलेरिया के साथ डेंगू और चिकनगुनिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की निगरानी बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मेला क्षेत्र के अलावा शहर के अलग-अलग इलाकों में भी संदिग्ध मरीजों की जांच कर रही हैं। लोगों को बीमारी के लक्षण और बचाव के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने और जरूरत वाले इलाकों में दवा छिड़काव की कार्रवाई भी की जा रही है।

बारिश के बाद जमा पानी बना खतरा

स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती बारिश के बाद जमा होने वाला पानी है। घरों के आसपास, नालियों, खाली प्लॉट, निर्माणाधीन जगहों और दूसरे स्थानों पर लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पुराने टायर, डिब्बे और ऐसी दूसरी जगहों की नियमित सफाई करते रहें, जहां पानी इकट्ठा हो सकता है।

बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, उल्टी या शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को खुद से दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी है।

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LLIN मच्छरदानी की सप्लाई पर भी सवाल

मलेरिया से बचाव में मच्छरदानी को महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार यादव के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को LLIN यानी Long Lasting Insecticidal Net उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि देवघर जिले में पिछले कुछ महीनों से राज्य स्तर से LLIN मच्छरदानी की आपूर्ति नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसको लेकर राज्य सरकार से पत्राचार भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही इसकी आपूर्ति शुरू हो जाएगी।

सदर अस्पताल में तैयार रखा गया डेंगू वार्ड

मलेरिया के साथ डेंगू और चिकनगुनिया के खतरे को देखते हुए देवघर सदर अस्पताल में डेंगू वार्ड भी तैयार रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था की गई है। अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें संदिग्ध मामलों पर नजर रख रही हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों की जांच और उपचार की व्यवस्था भी की जा रही है।

Location :  Deoghar

Published :  25 August 2026, 4:44 PM IST