
झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन (Source: X)
Ranchi: झारखंड की राजनीति से रविवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हेमंत सोरेन सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनके निधन की खबर सामने आई, जिसके बाद पार्टी और सरकार में शोक की लहर दौड़ गई। JMM ने उनके निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की जानकारी झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से रविवार को दी गई। पार्टी ने अपने एक्स हैंडल पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि समर्पित साथी और झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से पूरा JMM परिवार स्तब्ध और दुखी है। पार्टी ने उनके निधन को सरकार, संगठन और पूरे राज्य के लिए बड़ा झटका बताया।
गिरिडीह विधानसभा सीट से निर्वाचित सुदिव्य कुमार सोनू हेमंत सोरेन सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेल और युवा कार्य जैसे अहम विभाग रहे। सरकार में उनकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती गई थी।
सुदिव्य कुमार सोनू ने झामुमो के साथ सक्रिय राजनीति की शुरुआत की और गिरिडीह में पार्टी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। संगठन के भीतर लगातार सक्रिय रहने के कारण वे पार्टी के प्रमुख स्थानीय नेताओं में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। इसके बाद झामुमो ने उन्हें गिरिडीह विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा।
2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह सीट से झामुमो के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी को हराया। पहली बार विधायक बनने के बाद उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा और वे पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में शामिल होते गए।
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2024 के विधानसभा चुनाव में भी सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह से जीत दर्ज की और लगातार दूसरी बार विधायक बने। इसके बाद हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। कई महत्वपूर्ण विभाग मिलने के साथ ही सरकार और पार्टी में उनकी भूमिका और मजबूत हुई।
सुदिव्य कुमार सोनू को झामुमो के उन नेताओं में गिना जाता था, जिन्होंने हेमंत सोरेन के मुश्किल राजनीतिक दौर में पार्टी नेतृत्व का साथ मजबूती से दिया। 2024 में हेमंत सोरेन के जेल जाने के दौरान भी वे संगठन के साथ सक्रिय रहे। बाद में हेमंत सोरेन की सत्ता में वापसी के बाद उन्हें कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं।
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सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झामुमो को बड़ा झटका लगा है। पार्टी ने उनके योगदान को याद करते हुए शोक जताया और कहा कि उनका असामयिक निधन पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। एक सक्रिय संगठनकर्ता से मंत्री तक का उनका राजनीतिक सफर अब अचानक थम गया है।
Location : Ranchi
Published : 6 September 2026, 7:47 AM IST