डर छोड़िए, सच जानिए: E20 पेट्रोल आपकी गाड़ी का दुश्मन नहीं, बल्कि… टोयोटा इंडिया प्रमुख का खुलासा

ई20 पेट्रोल को लेकर लंबे समय से लोगों के मन में कई सवाल और डर बने हुए हैं। क्या इससे सच में गाड़ी का इंजन खराब होता है? क्या माइलेज काफी कम हो जाता है? अब टोयोटा इंडिया के बड़े अधिकारी ने इन सभी चर्चाओं पर खुलकर जवाब दिया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 4 July 2026, 7:20 PM IST
google-preferred

New Delhi: देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच यह बात तेजी से फैल रही थी कि E20 पेट्रोल भरवाने से गाड़ी का इंजन जल्दी खराब हो सकता है और माइलेज भी काफी कम हो जाता है। इसी बीच टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की ओर से आया एक बड़ा बयान इन सभी आशंकाओं पर विराम लगाने वाला माना जा रहा है।

कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा है कि E20 पेट्रोल को लेकर जितना डर फैलाया जा रहा है, वास्तविकता उससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने लोगों से अफवाहों के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करने की अपील भी की।

क्या बोले टोयोटा इंडिया के अधिकारी?

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स एंड गवर्नेंस) विक्रम गुलाटी ने कहा कि E20 पेट्रोल से जुड़ी कई बातें केवल गलतफहमियों पर आधारित हैं। उन्होंने माना कि इस ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज में थोड़ी कमी जरूर आती है, लेकिन यह इतनी बड़ी नहीं होती कि लोगों को चिंता करनी पड़े। उनके अनुसार, इंजन खराब होने की बात पूरी तरह से एक भ्रम है और इसका कोई ठोस आधार नहीं है।

माइलेज में कितनी आती है कमी?

सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि E20 पेट्रोल से गाड़ी कितना कम माइलेज देती है। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) की स्टडी के मुताबिक E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज में लगभग 2 से 4 प्रतिशत तक की कमी देखी जा सकती है। यानी अगर आपकी कार पहले 20 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती थी तो इसमें मामूली अंतर आ सकता है, लेकिन यह उतना बड़ा नहीं होगा जितना सोशल मीडिया पर बताया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में ज्यादातर लोगों को यह अंतर बहुत ज्यादा महसूस भी नहीं होगा।

बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, UP में इन पोस्ट के लिए जल्द शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

क्या पुराने वाहनों के इंजन को खतरा है?

कई पुराने वाहन मालिकों के मन में यह डर बना हुआ है कि E20 पेट्रोल उनके इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन उपलब्ध परीक्षणों और रिसर्च के आधार पर ऐसी कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने वाहनों में भी इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचने की संभावना बेहद कम है। यही वजह है कि इस विषय पर फैल रही कई अफवाहों को अब गलत माना जा रहा है।

अब E20 बन चुका है नया मानक

भारत में E20 पेट्रोल को धीरे-धीरे सामान्य ईंधन के रूप में अपनाया जा रहा है। 1 अप्रैल 2023 के बाद बाजार में आने वाले सभी नए वाहन E20 फ्यूल के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं। इसका मतलब यह है कि नई कारों और दोपहिया वाहनों में इस ईंधन के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर तकनीक विकसित की गई है। इसलिए नए वाहन मालिकों को किसी तरह की अतिरिक्त चिंता करने की जरूरत नहीं है।

E20, E85 और E100 में क्या है अंतर?

कई लोग E20, E85 और E100 को एक जैसा समझ लेते हैं, जबकि इन तीनों में बड़ा अंतर है। E20 में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रित होता है और यह सामान्य वाहनों के लिए बनाया गया है। वहीं E85 और E100 जैसे ईंधन खास फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए होते हैं। इन्हें साधारण पेट्रोल कारों में इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती। इसलिए सामान्य वाहन मालिकों को इन ईंधनों को लेकर भ्रमित होने की जरूरत नहीं है।

देवरिया में बिहार जा रही स्कॉर्पियो को पुलिस ने रोका, डिक्की खुलते ही सामने आया बड़ा खेल

सरकार क्यों बढ़ा रही है E20 का इस्तेमाल?

केंद्र सरकार लंबे समय से इथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दे रही है। इसके पीछे कई बड़े उद्देश्य हैं। सबसे पहले, इससे देश की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी। दूसरा, कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से पर्यावरण को फायदा मिलेगा। तीसरा, इथेनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों और बायोफ्यूल उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह कदम आने वाले वर्षों में भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

परीक्षणों में क्या सामने आया?

सरकारी रिपोर्टों और ऑटोमोबाइल उद्योग के परीक्षणों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के दौरान इंजन के प्रदर्शन, इंजन ऑयल की गुणवत्ता और इंजन के घिसाव जैसी बातों का गहराई से अध्ययन किया गया। इन परीक्षणों में कोई ऐसी बड़ी तकनीकी समस्या सामने नहीं आई, जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल सामान्य वाहनों के लिए नुकसानदायक है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन निर्माता समय-समय पर इंजन तकनीक में सुधार भी कर रहे हैं, जिससे माइलेज पर पड़ने वाला असर और कम किया जा सके।

वाहन मालिकों को क्या करना चाहिए?

अगर आपकी गाड़ी E20 के अनुरूप है तो बिना किसी डर के इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं पुराने वाहन मालिकों को भी केवल अफवाहों के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है। बेहतर होगा कि वाहन निर्माता की गाइडलाइन का पालन करें और समय-समय पर सर्विस कराते रहें।

Location :  New Delhi

Published :  4 July 2026, 7:20 PM IST

Advertisement