देवघर सदर अस्पताल में ये कैसा खौफनाक खेल? स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप

देवघर सदर अस्पताल में सड़क हादसे में घायल युवक को कथित तौर पर एक्सपायरी स्लाइन चढ़ाने और पैसे मांगने का आरोप लगा है। श्रावणी मेले से ठीक पहले आई इस शिकायत के बाद अस्पताल डीएस सुषमा वर्मा ने जांच शुरू करवा दी है, जिससे पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 June 2026, 1:44 PM IST

Deoghar: झारखंड की स्वास्थ्य राजधानी कहे जाने वाले देवघर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और संदेहास्पद मामला सामने आया है। श्रावणी मेले के भव्य आयोजन से ठीक पहले, जहां लाखों श्रद्धालुओं की सेहत का जिम्मा इसी शहर पर होना है, वहां के सदर अस्पताल की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। अस्पताल में भर्ती सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक के परिजनों ने यह सनसनीखेज आरोप लगाया है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज के दौरान मरीज को एक्सपायरी डेट (अवधि पार) की स्लाइन बोतल चढ़ा दी। इसके अलावा, परिजनों ने इलाज शुरू करने के एवज में अस्पताल कर्मियों द्वारा अवैध रूप से पैसे मांगने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा मरीज

परिजनों का दावा है कि जब वे घायल युवक को लेकर बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें तुरंत राहत देने के बजाय पहले कई तरह की प्रशासनिक अड़चनों और परेशानियों का सामना करना पड़ा। इलाज शुरू होने के बाद जब मरीज को स्लाइन चढ़ाई जा रही थी, तब अचानक परिजनों की नजर स्लाइन की बोतल पर छपी तारीख पर पड़ी। तारीख देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि वह कथित तौर पर एक्सपायर हो चुकी थी। हालांकि, अस्पताल प्रशासन और उपाधीक्षक (DS) सुषमा वर्मा ने इन आरोपों की तत्काल पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

सिस्टम की निगरानी पर खड़े हुए तीखे सवाल

यदि परिजनों के इन संगीन आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई पाई जाती है, तो यह सीधे तौर पर एक मरीज की जिंदगी के साथ क्रूर खिलवाड़ है। सबसे बड़ा नीतिगत सवाल यह उठता है कि अगर स्लाइन एक्सपायरी थी, तो वह अस्पताल के मुख्य स्टोर रूम से निकलकर जनरल वार्ड के बेड तक कैसे पहुंच गई? क्या दवाइयों और जीवनरक्षक सामग्रियों के स्टॉक की नियमित जांच (स्टॉक ऑडिट) नहीं की जा रही थी? झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई जिलों से संक्रमित रक्त चढ़ाने और इलाज में कोताही की डरावनी खबरें सामने आती रही हैं, जिससे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के दावों पर भी अब जनता सवाल उठाने लगी है।

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दवाइयों की तीन सदस्यीय जांच कमेटी 

 इस पूरे मामले पर मचे हंगामे के बाद सिविल सर्जन के निर्देश पर तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की एक विशेष जांच कमेटी (Medical Board) का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी अगले 48 घंटों में वार्ड में इस्तेमाल किए गए स्लाइन स्टॉक और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं, स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि श्रावणी मेले से पहले इस गंभीर लापरवाही के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अस्पताल परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे।

Location :  Deoghar

Published :  20 June 2026, 1:44 PM IST