Deoghar Cyber Crime: देवघर में फिर दबोचे गए शातिर ठग, लेकिन पुलिसिया कार्रवाई के बीच सुलग रहा है सबसे बड़ा

साइबर थाना पुलिस ने छापेमारी कर फ्लिपकार्ट और अमेज़न के फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाले तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद देवघर में ठगी के इस 'अदृश्य उद्योग' के नेटवर्क पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 4 June 2026, 2:00 PM IST

Deoghar: बाबा बैद्यनाथ की पवित्र धार्मिक नगरी देवघर एक बार फिर साइबर अपराध को लेकर सुर्खियों में है। देवघर साइबर थाना की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित छापेमारी करते हुए तीन शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कामयाबी से प्रशासनिक अमले ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन इसके साथ ही एक बहुत बड़ा यक्ष प्रश्न भी खड़ा हो गया है कि आखिर कब टूटेगा ठगी के इस 'अदृश्य उद्योग' का खतरनाक नेटवर्क?

फर्जी कस्टमर केयर बनकर उड़ाते थे पैसे

डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये अपराधी खुद को फ्लिपकार्ट, अमेजन, फोनपे और एयरटेल पेमेंट बैंक जैसी नामचीन कंपनियों के अधिकारी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताते थे। इसके बाद लॉटरी, कैशबैक या केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, एक्टिवेटेड सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड और नकद राशि बरामद की है।

गिरफ्तारियां लगातार, लेकिन क्यों हर महीने सामने आ रहे नए चेहरे?

देवघर पुलिस और एसपी प्रवीण पुष्कर के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं। लगभग हर महीने दर्जनों आरोपियों की गिरफ्तारी की खबरें सामने आती हैं। लेकिन इस कार्रवाई का दूसरा पहलू बेहद परेशान करने वाला है। बड़ा सवाल यह है कि यदि पुलिसिया कार्रवाई इतनी प्रभावी है, तो हर कुछ हफ्तों के बाद नए साइबर अपराधी कहाँ से पैदा हो रहे हैं? आखिर वह कौन-सी गुप्त व्यवस्था या सिंडिकेट है जो एक गिरोह के जेल जाते ही तुरंत दूसरा गिरोह मैदान में उतार देती है?

फॉर्मूला पुराना, बस बदल जाते हैं ठगों के चेहरे

साइबर थाना की जांच में बार-बार एक ही तरह की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) सामने आती है। कभी फर्जी अधिकारी बनकर कॉल करना, कभी कैशबैक का लालच देना, तो कभी सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देना। अपराधियों को अच्छी तरह मालूम है कि समाज में अभी भी डिजिटल साक्षरता और जागरूकता की भारी कमी है, और वे इसी कमजोरी का फायदा उठाकर लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह लड़ाई केवल पुलिसिंग से नहीं जीती जा सकती, इसके लिए युवाओं को वैकल्पिक रोजगार देना और सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।

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एसपी प्रवीण पुष्कर की जनता से विशेष अपील

देवघर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रवीण पुष्कर ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने संदेश दिया है कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या ओटीपी (OTP) को किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई खुद को बैंक कर्मचारी बताकर पैसे या निजी जानकारी मांगे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

Location :  Deoghar

Published :  4 June 2026, 2:00 PM IST