
सत्य निकेतन हादसा (Img- X)
New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका देशभर से आने वाले हजारों छात्रों के लिए उम्मीदों का केंद्र माना जाता है। लेकिन इसी इलाके में रविवार को हुआ 5 मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत का भीषण हादसा अब प्रशासनिक तंत्र और मकान मालिकों की घोर लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। हादसे में 6 लोगों की जान चले जाने के बाद जब पड़ताल शुरू हुई, तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं।
सूत्रों के मुताबिक, जिस पांच मंजिला इमारत में गिने-चुने लोगों के रहने की जगह होनी चाहिए थी, वहां करीब 75 बिस्तर ठूंस-ठूंस कर लगाए गए थे। कम से कम जगह में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के इस लालच ने मासूमों की जान जोखिम में डाल दी।
हादसे के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और सीधे तौर पर दिल्ली नगर निगम (MCD) के ढीले रवैये पर उंगलियां उठ रही हैं। जब पत्रकारों ने एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार से इमारत की सुरक्षा मंजूरी, अवैध निर्माण और 75 बिस्तरों के संचालन को लेकर कड़े सवाल पूछे, तो वे विस्तृत जवाब देने से बचते नजर आए।
उन्होंने केवल इतना कहा कि वे इन सभी सवालों के जवाब अलग से देंगे। अधिकारियों का यह टालमटोल वाला रवैया साफ दर्शाता है कि घनी आबादी वाले छात्र इलाकों में सुरक्षा मानकों की किस कदर अनदेखी की जाती है।
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ (NDRF) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमों ने संयुक्त रूप से व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
मलबे के नीचे दबे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। आगे किसी भी अन्य हादसे से बचने के लिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की कई इमारतों को भी खाली करा लिया है।
सत्य निकेतन की इस भयावह घटना ने पूरी दिल्ली के पीजी और छात्र आवासों में अवैध निर्माण, ओवरक्राउडिंग (क्षमता से अधिक रहना) और फायर सेफ्टी मानकों की कमी को उजागर कर दिया है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में इमारत के मालिक और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। इसके अलावा, हादसे की सटीक वजह जानने और जिम्मेदार अधिकारियों व व्यक्तियों की जवाबदेही तय करने के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
Location : New Delhi
Published : 7 September 2026, 9:28 AM IST