75 बिस्तर, 5 मंजिल और जीरो सेफ्टी: सत्य निकेतन हादसे ने खोली नगर निगम के निगरानी तंत्र की पोल

दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला पीजी इमारत ढहने से 6 लोगों की मौत के बाद एमसीडी की लापरवाही पर बड़े सवाल उठे हैं। 75 बिस्तरों वाले इस अवैध ढर्रे पर बने पीजी पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आसपास की इमारतें भी कराई गईं खाली।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 7 September 2026, 10:10 AM IST

New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका देशभर से आने वाले हजारों छात्रों के लिए उम्मीदों का केंद्र माना जाता है। लेकिन इसी इलाके में रविवार को हुआ 5 मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत का भीषण हादसा अब प्रशासनिक तंत्र और मकान मालिकों की घोर लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। हादसे में 6 लोगों की जान चले जाने के बाद जब पड़ताल शुरू हुई, तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं।

सूत्रों के मुताबिक, जिस पांच मंजिला इमारत में गिने-चुने लोगों के रहने की जगह होनी चाहिए थी, वहां करीब 75 बिस्तर ठूंस-ठूंस कर लगाए गए थे। कम से कम जगह में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के इस लालच ने मासूमों की जान जोखिम में डाल दी।

सवालों के कटघरे में नगर निगम और अधिकारी

हादसे के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और सीधे तौर पर दिल्ली नगर निगम (MCD) के ढीले रवैये पर उंगलियां उठ रही हैं। जब पत्रकारों ने एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार से इमारत की सुरक्षा मंजूरी, अवैध निर्माण और 75 बिस्तरों के संचालन को लेकर कड़े सवाल पूछे, तो वे विस्तृत जवाब देने से बचते नजर आए।

दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग कांड में मलबे के नीचे 50 छात्र फंसे! सीएम रेखा गुप्ता सामने खड़े होकर करवा रहीं रेस्क्यू

उन्होंने केवल इतना कहा कि वे इन सभी सवालों के जवाब अलग से देंगे। अधिकारियों का यह टालमटोल वाला रवैया साफ दर्शाता है कि घनी आबादी वाले छात्र इलाकों में सुरक्षा मानकों की किस कदर अनदेखी की जाती है।

राहत कार्य और घायलों का इलाज

हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ (NDRF) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमों ने संयुक्त रूप से व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

मलबे के नीचे दबे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। आगे किसी भी अन्य हादसे से बचने के लिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की कई इमारतों को भी खाली करा लिया है।

Satya Niketan Collapse: क्या बेसमेंट खुदाई बनी छात्रों की जिंदगियों का कातिल? हादसे में अब तक 6 शव बरामद

कार्रवाई की तैयारी और मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

सत्य निकेतन की इस भयावह घटना ने पूरी दिल्ली के पीजी और छात्र आवासों में अवैध निर्माण, ओवरक्राउडिंग (क्षमता से अधिक रहना) और फायर सेफ्टी मानकों की कमी को उजागर कर दिया है।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में इमारत के मालिक और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। इसके अलावा, हादसे की सटीक वजह जानने और जिम्मेदार अधिकारियों व व्यक्तियों की जवाबदेही तय करने के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

Location :  New Delhi

Published :  7 September 2026, 9:28 AM IST