
स्वाइन फ्लू का बढ़ा कहर (Img: AI)
New Delhi: H1N1, या स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने दिल्ली-NCR इलाके समेत भारत के कई राज्यों में चिंता बढ़ा दी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है।
हाल की रिपोर्टों से पता चलता है कि दिल्ली-NCR इलाके में H1N1 संक्रमण के 2,700 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं, कर्नाटक के 32 जिलों में सीजनल इन्फ्लूएंजा और H1N1 के 4,200 से ज्यादा मामलों की पुष्टि हुई है। महाराष्ट्र में भी संक्रमण के 1,100 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।
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राजस्थान में भी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी देखी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त में राज्य में 55 नए मामले दर्ज किए गए - जो इस साल का सबसे ज्यादा मासिक आंकड़ा है। नतीजतन संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 146 हो गई है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर जनरल राजीव बहल के अनुसार, भारत में अभी सामने आ रहे इन्फ्लूएंजा-A के लगभग 98 प्रतिशत मामलों के लिए H1N1 स्ट्रेन जिम्मेदार हो सकता है। एक्सपर्ट्स लोगों को संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि H1N1 एक तरह का इन्फ्लूएंजा-A वायरस है और आमतौर पर इससे हल्की बीमारी होती है। फिलहाल ऐसे कोई साफ संकेत नहीं हैं कि यह कोविड-19 की तरह महामारी का रूप ले सकता है। फिर भी संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं जो इम्यून सिस्टम पर असर डाल सकते हैं। नतीजतन, कुछ महिलाओं में फ़्लू का संक्रमण गंभीर हो सकता है, जिससे उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ सकती है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) गर्भवती महिलाओं को गंभीर फ्लू संक्रमण के लिए हाई-रिस्क ग्रुप में रखता है।
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H1N1 इन्फेक्शन के लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हो सकते हैं। हालांकि सही इलाज और देखभाल से ज्यादातर लोग ठीक हो जाते हैं, लेकिन गर्भवती महिलाओं में यह इन्फेक्शन गंभीर हो सकता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ और निमोनिया जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर इन्फेक्शन, तेज बुखार और मां की सेहत बिगड़ने से प्रेग्नेंसी पर असर पड़ सकता है। कुछ स्टडीज में इन्फ्लूएंजा इन्फेक्शन का संबंध समय से पहले डिलीवरी और बच्चे की सेहत से जुड़ी समस्याओं के बढ़ते जोखिम से जोड़ा गया है। इसलिए अगर गर्भवती महिलाओं को कोई भी लक्षण दिखे तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
Location : New Delhi
Published : 30 August 2026, 4:50 PM IST