अब नहीं लगाने पड़ेंगे लाइसेंस और NOC के लिए चक्कर! दिल्ली सरकार ला रही ऐसा बिल जो बदल देगा कारोबार का पूरा सिस्टम

दिल्ली सरकार कारोबार को आसान बनाने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल-2026 अगले सप्ताह कैबिनेट में पेश करेगी। बिल के जरिए 13 प्रमुख सुधारों को कानूनी आधार मिलेगा। इससे लाइसेंस, एनओसी और सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध होगी, जिससे निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 30 July 2026, 9:47 AM IST

New Delhi: दिल्ली में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। कारोबार शुरू करने और संचालित करने की जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार अगले सप्ताह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल-2026 कैबिनेट में पेश करेगी। इस विधेयक के माध्यम से दूसरे चरण के 28 सुधारों में से 13 अहम सुधारों को कानूनी मान्यता दी जाएगी।

लाइसेंस और एनओसी की प्रक्रिया होगी आसान

सरकार का दावा है कि नए कानून के लागू होने के बाद लाइसेंस, एनओसी और अन्य सरकारी मंजूरियां पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और तय समयसीमा के भीतर मिल सकेंगी। इससे कारोबारियों को अनावश्यक देरी और विभागीय जटिलताओं से राहत मिलेगी।

एलजी और मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक

बुधवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों और बिल की तैयारियों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। उपराज्यपाल ने सभी विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिया कि चिन्हित प्राथमिक सुधारों को अगस्त के मध्य तक हर हाल में लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने भी तय समयसीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सिंगल विंडो सिस्टम को मिलेगी मजबूती

बिल लागू होने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों की मंजूरियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत बनाया जाएगा। इसके तहत सभी आवश्यक अनुमतियां डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली के जरिए उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही दोहराव वाली मंजूरियों और अनुपालन संबंधी औपचारिकताओं को कम करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

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निवेश प्रस्तावों के लिए नई व्यवस्था

सरकार निवेश प्रक्रिया को भी तेज करने की तैयारी में है। इसके तहत 50 करोड़ रुपये तक के निवेश प्रस्तावों का निपटारा जिला स्तर पर होगा। 50 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक के प्रस्तावों पर मुख्य सचिव स्तर पर निर्णय लिया जाएगा, जबकि 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस काउंसिल अंतिम फैसला करेगी।

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शिक्षा और नागरिक सेवाओं में भी होंगे बदलाव

दिल्ली सरकार शिक्षा और नागरिक सेवाओं से जुड़े कानूनों में भी संशोधन की तैयारी कर रही है। शिक्षा क्षेत्र के नियमों को सरल बनाने और राइट टू सर्विस कानून में अपील का अधिकार जोड़ने वाले विधेयकों का मसौदा तैयार किया जा चुका है। इन्हें आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।

सरकार का मानना है कि इन सुधारों से दिल्ली में निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।

Location :  New Delhi

Published :  30 July 2026, 9:21 AM IST