
एक दिन में 144 अंक उछला दिल्ली का AQI (Source: Pinterest)
New Delhi: कुछ दिन पहले तक बारिश के बाद दिल्ली की हवा में सुधार देखने को मिल रहा था, लेकिन अब प्रदूषण ने एक बार फिर राजधानी को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। सोमवार सुबह अक्षरधाम मंदिर के आसपास एक्यूआई 349 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बारिश के बाद साफ हुई दिल्ली की हवा इतनी जल्दी दोबारा जहरीली कैसे हो गई?
दिल्ली में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को राजधानी का औसत एक्यूआई 117 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में था। लेकिन रविवार को इसमें अचानक 144 अंकों का उछाल आया और यह बढ़कर 261 तक पहुंच गया।
रविवार शाम छह बजे के बाद दिल्ली का औसत एक्यूआई और बढ़कर 272 दर्ज किया गया। इसके साथ ही राजधानी की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई। वहीं, सोमवार सुबह अक्षरधाम के आसपास एक्यूआई 349 तक पहुंचने से प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
59 में से 43 निगरानी केंद्रों पर खराब हवा (Source: Pinterest)
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के निगरानी केंद्रों से मिले आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कुल 59 निगरानी केंद्रों में से 43 पर हवा खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
इनमें 23 इलाके ऐसे थे, जहां एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया। वहीं, 20 इलाकों में हवा खराब श्रेणी में रही। केवल 14 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई। ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण का असर राजधानी के कई हिस्सों में फैल चुका है।
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दिल्ली की हवा बिगड़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। आईआईटीएम के पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान करीब 18 प्रतिशत रहने का अनुमान था।
रविवार को उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली हवाओं के कारण पंजाब और हरियाणा की ओर से प्रदूषक दिल्ली पहुंच सकते हैं। इसके अलावा वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्य और स्थानीय स्तर पर होने वाला प्रदूषण भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की दिशा और उसकी रफ्तार प्रदूषकों के फैलाव में अहम भूमिका निभाती है। जब हवा की गति कम होती है या मौसम प्रदूषकों को फैलने के लिए अनुकूल नहीं होता, तब प्रदूषण जमीन के आसपास जमा होने लगता है। ऐसे में बाहरी स्रोतों से आने वाले प्रदूषकों के साथ स्थानीय उत्सर्जन भी दिल्ली की हवा को खराब कर सकता है।
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दिल्ली में एक बार फिर एक्यूआई का 300 के पार पहुंचना चिंता का विषय है। खासकर सुबह और शाम के समय प्रदूषण का असर अधिक महसूस हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
लोगों को खुले में लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए और प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर भारी शारीरिक गतिविधियों से परहेज करना चाहिए। साथ ही, बाहर निकलने से पहले अपने इलाके का ताजा एक्यूआई जरूर जांच लें।
बारिश के बाद मिली राहत के बावजूद दिल्ली की हवा फिर खराब होने लगी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मौसम में बदलाव और हवाओं की दिशा से राजधानी को प्रदूषण से कितनी राहत मिलती है।
Location : New Delhi
Published : 2 November 2026, 12:22 PM IST