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Symbolic Photo (IMG: Pinterest)
Bengal News: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर तटीय इलाकों में खतरे की आशंका जताई गई है। तूफान की रफ्तार बढ़ने के दावे के बीच आंध्र प्रदेश, ओडिशा समेत कई राज्यों में अलर्ट की खबर है। तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। ओडिशा में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी है, जबकि रेलवे ने भी एहतियातन कई ट्रेनों को रद्द करने और उनके रूट में बदलाव की जानकारी दी है। हालांकि, तूफान के नाम, उसकी तीव्रता और तट से टकराने के समय की पुष्टि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक बुलेटिन से करना जरूरी है।
दी गई जानकारी के मुताबिक, चक्रवात के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट पार करने की आशंका जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और कुछ समय के लिए 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का दावा किया गया है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही गई है। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों के लिए ऐसी परिस्थितियां खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए स्थानीय प्रशासन की सलाह और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।
5 राज्यों में अलर्ट और 53 ट्रेनें रद्द
ओडिशा में संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य में आठ मंत्रियों और वरिष्ठ IAS अधिकारियों को संवेदनशील दक्षिणी जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। इसका उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और प्रशासनिक इंतजामों की निगरानी करना है। आपदा प्रबंधन से जुड़ी ODRAF, NDRF और फायर सर्विसेज की कुल 302 टीमों की तैनाती का भी दावा किया गया है। गजपति जिले में करीब 15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए चिह्नित किए जाने और 281 आश्रय गृह तैयार रखने की जानकारी दी गई है।
तूफान के संभावित असर को देखते हुए ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर प्रशासन की ओर से बनाए गए सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाती है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों के आसपास जाने से बचना चाहिए।
तूफान के संभावित असर को देखते हुए रेलवे सेवाओं पर भी प्रभाव पड़ने की बात कही गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, साउथ कोस्ट रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को चलने वाली 53 से अधिक ट्रेनों को रद्द किया है। कई दूसरी ट्रेनों के मार्ग बदलने या उन्हें बीच रास्ते में रोकने की जानकारी भी दी गई है।
विशाखापत्तनम-कोरापुट और जगदलपुर रूट की कुछ ट्रेनें प्रभावित बताई गई हैं। हीराखंड एक्सप्रेस को रायगड़ा में ही समाप्त किए जाने का भी दावा किया गया है। यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति रेलवे के आधिकारिक पूछताछ माध्यमों से जांच लेनी चाहिए।
आपात स्थिति में ट्रेनों की आवाजाही, ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम की निगरानी के लिए रेलवे के जोनल और डिवीजनल मुख्यालयों में 24 घंटे काम करने वाले वॉर रूम सक्रिय किए जाने की जानकारी दी गई है। इनका उद्देश्य संभावित व्यवधानों पर नजर रखना और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करना है।
Location : Bengal
Published : 27 October 2026, 7:52 AM IST