BRICS के मंच से PM मोदी का बड़ा संदेश, ‘अब नियम मानने वाले नहीं, नियम बनाने वाला बने Global South’

BRICS Summit 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल साउथ की भूमिका, वैश्विक नियम निर्माण और ब्रिक्स की भविष्य की दिशा को लेकर बड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि AI, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नियम बनाने में विकासशील देशों की भी बराबर भागीदारी होनी चाहिए।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 September 2026, 4:05 PM IST

New Delhi: भारत में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका को लेकर बड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अब अपनी स्थापना के दो दशक पूरे कर चुका है और आज यह वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्रिक्स के भीतर बनी एकता और आम सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस नतीजों में बदला जाए।

20 साल का हुआ BRICS

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Summit 2026 में शामिल होने वाले देशों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में सभी देशों ने सक्रिय योगदान और समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ऐतिहासिक मील का पत्थर है, क्योंकि ब्रिक्स अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। पीएम मोदी ने ब्रिक्स के 20 साल पूरे होने की तुलना मानव जीवन से करते हुए कहा कि 20 वर्ष की उम्र में व्यक्ति परिपक्वता और जिम्मेदारी के एक नए चरण में प्रवेश करता है। इसी तरह ब्रिक्स भी अब परिपक्वता के मुकाम पर पहुंच चुका है।

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'… सबको साथ लेकर आगे बढ़ना है'

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के काम करने के तरीके को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं है, बल्कि सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है। पीएम मोदी के मुताबिक, अब जरूरत इस बात की है कि ब्रिक्स के भीतर जो एकता और आम सहमति बनी है, उसे वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदला जाए। यानी ब्रिक्स सिर्फ चर्चा और विचार-विमर्श तक सीमित न रहे, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रभावी भूमिका निभाए।

नए नियमों में बराबर भागीदारी पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक नियम निर्माण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भविष्य के वैश्विक नियमों को तय करने में सभी देशों की समान भागीदारी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। पीएम मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये क्षेत्र सिर्फ भविष्य के अवसरों को आकार नहीं दे रहे हैं, बल्कि आने वाले समय के नियम भी तय कर रहे हैं।

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युवा राजनयिकों और नीति निर्माताओं को तैयार करने की योजना

पीएम मोदी ने ब्रिक्स के जरिए ग्लोबल साउथ के युवाओं को तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के माध्यम से वैश्विक दक्षिण के देशों के युवा राजनयिकों और नीति निर्माताओं को वार्ता कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कानूनी विशेषज्ञता से लैस किया जा सकता है। इसका मकसद आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर होने वाली महत्वपूर्ण बातचीत और नीति निर्माण में विकासशील देशों की भागीदारी को मजबूत करना है।

'अगर भविष्य साझा है तो अधिकार भी साझा होना चाहिए'

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Summit 2026 के संदेश को एक स्पष्ट विचार के साथ सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा आयोजित इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का संदेश स्पष्ट होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि अगर हमारा भविष्य साझा है, तो उस भविष्य को आकार देने का अधिकार भी साझा होना चाहिए। उन्होंने 'आवाज से प्रभाव तक' और 'विशेषाधिकार से साझेदारी तक' की दिशा को ब्रिक्स का वर्तमान मार्गदर्शक संकल्प बताया।

Location :  New Delhi

Published :  12 September 2026, 4:05 PM IST