
पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग (Source: X)
New Delhi: BRICS सम्मेलन के समापन सत्र में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। शी जिनपिंग ने BRICS देशों के बीच एकीकृत बाजार बनाने और ओपन-सोर्स AI प्लेटफॉर्म विकसित करने की बात कही। अब सवाल यह है कि क्या इन प्रस्तावों के जरिए चीन BRICS के बाजार और तकनीकी क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है?
चीन की ओर से BRICS देशों के बीच बाजार को अधिक एकीकृत करने और व्यापारिक बाधाएं कम करने की पैरवी की गई है। हालांकि, BRICS अब तक किसी मुक्त व्यापार क्षेत्र के रूप में विकसित नहीं हुआ है। भारत के लिए चिंता इस बात की है कि यदि टैरिफ कम किए गए और बाजार ज्यादा खोला गया तो चीनी उत्पादों और कंपनियों की भारतीय बाजार में पहुंच बढ़ सकती है।
इसका सीधा असर भारतीय घरेलू उद्योग और स्वदेशी तकनीक विकसित करने वाली कंपनियों पर पड़ने की आशंका है। भारत पहले से ही चीनी निवेश और कंपनियों को लेकर सुरक्षा के स्तर पर कड़ी निगरानी रखता आया है।
भारत की व्यापार नीति में चीन को लेकर सतर्कता नई नहीं है। नवंबर 2019 में भारत ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी यानी RCEP से बाहर रहने का फैसला किया था। उस समय भारत की बड़ी चिंता चीन से बढ़ने वाले आयात और घरेलू बाजार पर उसके संभावित प्रभाव को लेकर थी।
इसके बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया, UAE, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और EFTA देशों समेत कई देशों के साथ व्यापार समझौतों पर जोर दिया। इसका उद्देश्य आयात के स्रोतों में विविधता लाना और किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना भी रहा है।
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शी जिनपिंग के पांच सूत्रीय एक्शन प्लान में चीन के Large Language Models यानी LLMs और AI तकनीकों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव भी शामिल है। यही हिस्सा भारत के लिए ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है।
सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता है कि विदेशी देशों में चीनी AI प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल से डेटा और साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं। भारत पहले ही सुरक्षा कारणों से कई चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुका है और चीन निर्मित तकनीकी उपकरणों को लेकर भी सावधानी बरतता है।
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आगामी BRICS सम्मेलन की अध्यक्षता चीन करेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि शी जिनपिंग अपने इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। भारत के नीति निर्माताओं के लिए चुनौती यह होगी कि BRICS के सहयोग और आर्थिक अवसरों के बीच संतुलन बनाते हुए घरेलू उद्योग, डेटा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हितों की रक्षा कैसे की जाए।
Location : New Delhi
Published : 14 September 2026, 8:12 AM IST
Topics : AI BRICS China India Xi Jinping