
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
New Delhi: दक्षिण दिल्ली के आया नगर गांव में एक प्लॉट पर कब्जे का विवाद अब दो पक्षों के बीच खूनी दुश्मनी में बदल गया है। कभी पड़ोसी और करीबी दोस्त रहे अरुण लोहिया और दीपक के बीच शुरू हुई रंजिश में करीब एक साल के भीतर 100 से ज्यादा गोलियां चल चुकी हैं। इस दौरान तीन हत्याएं भी हो चुकी हैं। ताजा वारदात में 28 वर्षीय जिम ट्रेनर विजय कुमार की हत्या के बाद पुलिस को आशंका है कि यह विवाद कहीं लंबी गैंगवार का रूप न ले ले।
पुलिस के मुताबिक अरुण लोहिया और दीपक आया नगर गांव के रहने वाले थे। दोनों पड़ोसी होने के साथ करीबी दोस्त थे और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी साझेदारी में करते थे। इसी दौरान एक प्लॉट पर कब्जे को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ। मामला बढ़ा तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
वर्ष 2024 में अरुण ने अपने साथियों के साथ दीपक पर हमला किया था। इस हमले में दीपक के हाथ-पैर टूट गए थे और उसे कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। मामले में अरुण के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था।
15 मई 2025 को दीपक और उसके साथियों ने कथित तौर पर अरुण लोहिया को निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार अरुण अपने पिता के साथ साकेत कोर्ट से लौट रहा था। महरौली मेट्रो स्टेशन के पास उसकी कार रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। अरुण को 10 से 12 गोलियां लगीं। उसके पिता भी कार में थे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाया।
जांच में अजय की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक उसने सड़क पर वाहन लगाकर हमलावरों के लिए ट्रैफिक रोकने में मदद की थी।
अरुण की हत्या के बाद बदले का अगला निशाना दीपक के पिता रतनलाल बने। नवंबर 2025 में आया नगर में उन पर करीब 72 राउंड फायर किए गए। रतनलाल ने निजी बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
खास बात यह है कि इससे पहले रतनलाल ने फतेहपुरबेरी थाने में शिकायत देकर अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने आशंका जताई थी कि उनकी हत्या की जा सकती है।
ताजा वारदात में 28 वर्षीय जिम ट्रेनर विजय कुमार की हत्या हुई है। विजय, अजय का भाई था। पुलिस अब इस हत्या को पिछली घटनाओं से जोड़कर देख रही है। जांच की एक दिशा यह भी है कि विजय की हत्या कहीं अजय को निशाना बनाने के लिए की गई बदले की कार्रवाई तो नहीं।
पुलिस को फरीदाबाद निवासी अरुण के मामा कमल की भूमिका पर भी संदेह है। कमल फिलहाल जेल में बंद है। शुरुआती जांच में पिछली दो हत्याओं में उसकी भूमिका की बात सामने आई है। उसके रणदीप भाटी गैंग से संबंधों की भी जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस इस मामले को अब सिर्फ दो परिवारों की निजी रंजिश मानकर नहीं चल रही है। पुलिस को आशंका है कि बाहरी गैंग के जुड़ने पर आया नगर का विवाद बड़ी गैंगवार में बदल सकता है। इसी वजह से इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल और एसएसबी की तैनाती की गई है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। दीपक फिलहाल जेल में है और अधिकारियों को आशंका है कि उसके बाहर आने के बाद यह खूनी टकराव और बढ़ सकता है।
युवा डाइनामाइट न्यूज़ के लिए इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आया नगर की यह खूनी दुश्मनी अब कहां जाकर रुकेगी और क्या पुलिस समय रहते इसे बड़ी गैंगवार बनने से रोक पाएगी।
Location : New Delhi
Published : 15 September 2026, 8:25 AM IST
Topics : Aya Nagar Delhi Crime Delhi Police Gangwar murder