अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई यूजीसी की शिकायत पर दर्ज दो एफआईआर के तहत हुई है। यूनिवर्सिटी पर फर्जी मान्यता और छात्रों को गुमराह कर अवैध लाभ कमाने के आरोप हैं।

अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार (Img: Google)
New Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के बाद अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह गिरफ्तारी यूजीसी की शिकायत के आधार पर दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर के तहत की गई है। इन मामलों में सिद्दीकी पर गंभीर फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी को अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने पुलिस को चार दिन की कस्टडी रिमांड दे दी। पुलिस इस दौरान यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन, दाखिला प्रक्रिया और कथित फर्जी दावों की गहन जांच करेगी। कोर्ट ने ईडी के आरोपपत्र पर अगली सुनवाई के लिए 13 फरवरी की तारीख तय की है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी पहले भी उस समय सुर्खियों में आई थी, जब दिल्ली बम ब्लास्ट मामले की जांच के दौरान यूनिवर्सिटी में काम करने वाले दो डॉक्टर्स, मुजम्मिल अहमद गनई और शाहीन सईद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही हरियाणा के फरीदाबाद स्थित यह यूनिवर्सिटी जांच एजेंसियों के रडार पर थी।
दिल्ली में हुए आतंकी हमले के बाद आतंकी मॉड्यूल की जांच में अल फलाह यूनिवर्सिटी की भूमिका को लेकर सवाल उठे। इसी क्रम में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कीं। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से छात्रों, उनके परिजनों और अन्य संबंधित लोगों को गुमराह किया।
जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी ने खुद को यूजीसी से मान्यता प्राप्त और एनएएसी से प्रमाणित बताकर प्रचार किया, जबकि ये दावे पूरी तरह सही नहीं थे। छात्रों को भ्रमित कर दाखिले कराए गए और भारी फीस वसूली गई। इन्हीं आरोपों के आधार पर अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया है।
सुनवाई के दौरान यूनिवर्सिटी की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट से समय मांगा, यह कहते हुए कि पुलिस के आरोपपत्र और उससे जुड़े दस्तावेज करीब 10 हजार पन्नों के हैं, जिन्हें पढ़ने के लिए और वक्त चाहिए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने दलीलें सुनने के बाद फिलहाल सुनवाई टाल दी।
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जवाद अहमद सिद्दीकी पर दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और प्रवर्तन निदेशालय, दोनों एजेंसियों के केस चल रहे हैं। वकीलों का कहना है कि सिद्दीकी पहले से पुलिस हिरासत में हैं, जिस वजह से वे अपने मुवक्किल से ठीक से मुलाकात भी नहीं कर पा रहे हैं।