
मुंबई में महंगाई पर NCP-SCP का हल्लाबोल (IMG: Dynamite News)
Mumbai: महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर मुंबई की सड़कों पर बुधवार को सियासी गर्मी बढ़ गई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार यानी NCP-SCP के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों के बढ़ते खर्च और रोजगार के संकट तक, प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। हालात तब और गरमा गए जब कार्यकर्ताओं का हुजूम CSMT और दक्षिण मुंबई के प्रमुख सरकारी दफ्तरों की ओर बढ़ने लगा। कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मुंबई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोक लिया और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
NCP-SCP कार्यकर्ताओं ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और आसपास के प्रशासनिक इलाकों के पास प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। खाने-पीने की जरूरी चीजों से लेकर ईंधन तक की कीमतों का असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान NCP-SCP कार्यकर्ताओं ने सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर चूल्हा जलाया और खाली गैस सिलेंडर दिखाकर घरेलू बजट पर पड़ रहे असर को सामने रखने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का संदेश साफ था कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम परिवारों पर पड़ रहा है। उनका कहना था कि रसोई का खर्च बढ़ने के साथ परिवारों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल होता जा रहा है।
NCP-SCP कार्यकर्ताओं ने ईंधन की कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन महंगा होने से रोजमर्रा की कई चीजों की कीमत भी प्रभावित होती है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से महंगाई पर लगाम लगाने और आम लोगों को राहत देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ईंधन की कीमतों को लेकर भी जमकर नारे लगाए गए।
प्रदर्शन सिर्फ महंगाई तक सीमित नहीं रहा। NCP-SCP कार्यकर्ताओं ने युवाओं में बेरोजगारी और रोजगार के अवसरों को लेकर भी सरकार को घेरा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में युवाओं के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है। सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान खाली सिलेंडर और रसोई में इस्तेमाल होने वाले सामान को प्रतीकात्मक तौर पर इस्तेमाल किया गया। इसका मकसद यह दिखाना था कि महंगाई का सीधा असर घर की रसोई पर पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार को सिर्फ आंकड़ों के बजाय आम लोगों की वास्तविक परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए। उनका दावा था कि बढ़ती कीमतों की वजह से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
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प्रदर्शनकारियों के CSMT और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों की तरफ बढ़ने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन भेजा गया। पुलिस की कोशिश थी कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और सरकारी कार्यालयों के आसपास सामान्य कामकाज प्रभावित न हो।
NCP-SCP का यह प्रदर्शन महाराष्ट्र में सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। शरद पवार गुट लगातार जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में मुंबई का यह प्रदर्शन भी पार्टी की उसी राजनीतिक मुहिम की कड़ी माना जा रहा है।
Location : Mumbai
Published : 2 September 2026, 12:48 PM IST