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प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
New Delhi: मूडीज एनालिटिक्स के इकोनॉमिस्ट मार्क जैंडी ने अमेरिका की जून 2026 की रोजगार रिपोर्ट को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रिपोर्ट देखने पर ऐसा लगता है कि देश का नौकरी बाजार मजबूत है, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट के जरिए रोजगार के आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं।
मार्क जैंडी के अनुसार सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि 35 वर्ष से कम उम्र के बड़ी संख्या में युवा अब नौकरी की तलाश ही नहीं कर रहे हैं। केवल युवाओं ही नहीं, बल्कि अलग-अलग आयु वर्ग और सामाजिक समूहों में भी ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है जिन्होंने रोजगार की तलाश बंद कर दी है। इस वजह से वे लेबर फोर्स की गिनती से बाहर हो गए हैं।
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जैंडी का कहना है कि बेरोजगारी दर में आई कमी को रोजगार बाजार में सुधार नहीं माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह गिरावट इसलिए दिखाई दे रही है क्योंकि नौकरी खोजने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है। जब लोग नौकरी तलाशना बंद कर देते हैं तो उन्हें बेरोजगारों की आधिकारिक गिनती में शामिल नहीं किया जाता, जिससे बेरोजगारी दर कम दिखाई देती है।
इकोनॉमिस्ट ने यह भी कहा कि काम करने की उम्र वाले लोगों में रोजगार पाने वालों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है। ऐसे में केवल बेरोजगारी दर को देखकर रोजगार बाजार की वास्तविक स्थिति का आकलन करना सही नहीं होगा। उनका मानना है कि रोजगार से जुड़े अन्य संकेतकों पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है।
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मार्क जैंडी के अनुसार लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन यानी काम करने या नौकरी तलाशने वाले लोगों की संख्या में आई गिरावट अमेरिका के श्रम बाजार के लिए चिंता का विषय है। उनका कहना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश से बाहर होते रहे तो इसका असर भविष्य में श्रम बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने जून 2026 की रोजगार रिपोर्ट को सतही तौर पर सकारात्मक मानने के बजाय उसके पीछे छिपे संकेतों को समझने की जरूरत बताई है।
Location : New Delhi
Published : 14 July 2026, 3:11 PM IST