Jharkhand Protest: छात्रों के प्रदर्शन से हिला JPSC, आयोग के तीन सदस्यों का इस्तीफा, परीक्षाएं होंगी रद्द

झारखंड में JPSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच आयोग में बड़ा बदलाव हुआ है। तीन वरिष्ठ सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा देकर त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 9 August 2026, 8:09 PM IST

Ranchi: झारखंड में परिक्षाओं में कथित धांधली को लेकर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। छात्रों के आंदोलन के सामने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और सरकार को झुकना पड़ा। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के तीन वरिष्ठ सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही सरकार ने जांच कराने और परीक्षाएं रद्द करने की घोषणाएं की हैं।

जेपीएससी से इस्तीफा देने वालों में आयोग की वरिष्ठ सदस्य अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमील अहमद और अनिमा हांसदा हैं। तीनों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेजा है। परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर आयोग पहले से ही विवादों में है। अभ्यर्थियों के लगातार आंदोलन और पारदर्शी जांच की मांग के बीच तीन सदस्यों का एक साथ इस्तीफा बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

16वें दिन भी जारी रहा आंदोलन

बता दें कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। लंबे विरोध, भूख हड़ताल और लगातार बातचीत के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने तीन JPSC परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इनमें 14वीं JPSC परीक्षा के अलावा 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाएं शामिल हैं।

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तीन परीक्षाओं पर सरकार ने क्या फैसला लिया?

रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का एक और दौर हुआ। बैठक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि 14वीं JPSC, 2023 बैकलॉग और 2025 बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया है।सरकार ने इन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आपराधिक पहलुओं की जांच CID से कराने की बात कही है। वहीं वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ी के आरोपों को देखते हुए ED जांच का प्रस्ताव भी रखा गया है।

इसके साथ ही सरकार ने आरोपियों के खिलाफ 90 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने और मामले के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव रखा है।

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CBI जांच पर अब भी अटका मामला

तीन परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बावजूद छात्रों की नाराजगी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। प्रदर्शनकारी लगातार CBI जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि केवल CID और ED की जांच से उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं होती। वे चाहते हैं कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र और व्यापक जांच हो। सरकार ने इसके लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाने का विकल्प भी रखा है, लेकिन छात्र इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।

CGL परीक्षा पर सरकार और छात्रों में टकराव

बातचीत में JSSC की CGL परीक्षा भी बड़ा मुद्दा बनी रही। छात्रों ने इसे भी रद्द करने और जांच कराने की मांग की है। सरकार ने फिलहाल इसे रद्द करने से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि CGL परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हुई थी और न्यायिक निगरानी में रही। इसके परिणाम भी घोषित हो चुके हैं और सफल अभ्यर्थी सेवा में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में इसे सरकार अपने स्तर पर रद्द नहीं कर सकती।

Location :  Ranchi

Published :  9 August 2026, 6:49 PM IST