सिर पर पट्टी, आंखों में सपना… लेकिन सेंटर पर मिला झटका! RE-NEET देने पहुंचे छात्र को नहीं मिली एंट्री

RE-NEET 2026 परीक्षा के बीच एक ऐसी घटना सामने आई जिसने हजारों छात्रों की चिंता बढ़ा दी। परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले हादसे का शिकार हुए छात्र को प्राथमिक उपचार के बाद सेंटर तक पहुंचाया गया, लेकिन कुछ मिनट की देरी उसकी पूरी मेहनत पर भारी पड़ गई।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 21 June 2026, 5:39 PM IST
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New Delhi: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का री-एग्जाम रविवार को दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ। 3 मई को आयोजित परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए बुलाया गया। इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए NTA और सरकार ने सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए।

देशभर में 51 हजार से ज्यादा जैमर्स लगाए गए, जबकि परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी टीमों की तैनाती की गई। इसके बावजूद कई जगहों से ऐसे मामले सामने आए जिन्होंने छात्रों और अभिभावकों को परेशान कर दिया।

एक हादसा और टूट गया डॉक्टर बनने का सपना?

भोपाल से सामने आई घटना ने सभी का ध्यान खींच लिया। एक छात्र अपने परिवार के साथ परीक्षा केंद्र जा रहा था, तभी रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया। हादसे में छात्र को चोट लगी और उसके सिर पर पट्टी बांधनी पड़ी। प्राथमिक उपचार के बाद परिवार उसे परीक्षा केंद्र तक लेकर पहुंचा, लेकिन तब तक तय समय निकल चुका था। छात्र के चाचा आमिर कादरी ने बताया कि दुर्घटना के कारण उन्हें कुछ देर हो गई थी। उन्होंने अधिकारियों से हालात समझाने की कोशिश की, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए छात्र को प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद परिवार की आंखों में निराशा साफ दिखाई दी।

देरी हुई तो रो पड़ीं छात्राएं

कर्नाटक के एक परीक्षा केंद्र से भी भावुक तस्वीरें सामने आईं। कुछ छात्राएं निर्धारित समय के बाद परीक्षा केंद्र पहुंचीं। गेट बंद हो चुके थे और उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। मेहनत और उम्मीदों के साथ पहुंचीं छात्राएं वहीं फूट-फूटकर रोने लगीं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

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गेट फांदकर अंदर जाने की कोशिश

बेंगलुरु में एक छात्र परीक्षा केंद्र देर से पहुंचा। जब उसे प्रवेश नहीं मिला तो उसने गेट फांदकर अंदर जाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोक लिया। इस घटना ने परीक्षा के दबाव और छात्रों की बेचैनी को साफ तौर पर दिखा दिया।

वहीं राजस्थान के एक परीक्षा केंद्र पर ड्रेस कोड को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कुलसुम बानो नाम की अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि उन्हें बुर्का और दुपट्टे को लेकर आपत्ति जताई गई। उन्होंने कहा कि पिछली परीक्षा में भी उन्होंने यही पहनावा रखा था, लेकिन इस बार उन्हें रोकने की कोशिश की गई। छात्रा ने कहा कि परीक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन उनकी पहचान और धार्मिक आस्था भी उतनी ही अहम है।

कलावा और हिजाब पर भी उठा सवाल

अहमदाबाद के एक परीक्षा केंद्र पर हिंदू छात्रों के कलावा और मुस्लिम छात्राओं के हिजाब को लेकर भी बहस देखने को मिली। परीक्षा केंद्र के बाहर सुरक्षा जांच के दौरान कुछ छात्रों ने नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी परीक्षार्थियों के लिए एक समान सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई।

अबू धाबी नहीं, नागपुर में मिला सेंटर

इस बीच एक सकारात्मक खबर भी सामने आई। छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब ने पहले दावा किया था कि उनका परीक्षा केंद्र गलती से अबू धाबी दिखाया गया है। मामला सामने आने के बाद NTA ने सुधार किया और उन्हें नागपुर में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया। छात्र समय पर परीक्षा देने पहुंच गया।

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कुछ राज्यों में मिली राहत

ओडिशा में छात्रों को एडमिट कार्ड दिखाने पर मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराई गई। इससे दूर-दराज के इलाकों से आने वाले अभ्यर्थियों को काफी राहत मिली। छात्रों ने उम्मीद जताई कि इस बार परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी।

सुरक्षा सख्त, लेकिन सवाल अभी बाकी

री-नीट परीक्षा को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई दी। लेकिन देर से पहुंचने वाले छात्रों, ड्रेस कोड विवाद और अन्य घटनाओं ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर परीक्षा देने पहुंचे हैं।

Location :  New Delhi

Published :  21 June 2026, 5:39 PM IST

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