
प्रतीकात्मक छवि (Img- AI)
New Delhi: पाकिस्तान में सत्ता और रसूख के आगे कानून एक बार फिर बौना साबित होता दिख रहा है। देश के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार के करीबी रिश्तेदार मुहम्मद रज़ा डार और उसके साथियों पर विदेशी महिलाओं के साथ गैंगरेप और फिरौती के लिए अपहरण करने जैसे गंभीर आरोपों में FIR दर्ज करने वाले लाहौर के डिफेंस सी थाने के SHO फरियाद अशरफ समेत तीन पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
पंजाब के आईजी (IG) के आदेश पर हुई इस कार्रवाई के बाद इन पुलिस अफसरों को हिरासत में भी ले लिया गया है। सूत्रों का दावा है कि इस कार्रवाई का सीधा आदेश पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के कार्यालय से जारी हुआ था।
पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करने के पीछे एक 3 दिन पुरानी घटना को आधार बनाया गया है। इन अफसरों पर आरोप लगाया गया है कि इन्होंने 1 जुलाई को लाहौर के एक न्यायिक मजिस्ट्रेट अजहर महमूद के घर में जबरन प्रवेश किया, उन्हें धमकी दी और डीआईजी (DIG) से फोन पर बात करने का दबाव बनाया।
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बताया जा रहा है कि डीआईजी ऑपरेशंस फैसल कामरान ने ही इन अधिकारियों को मजिस्ट्रेट के घर भेजा था ताकि किसी मामले में उन पर दबाव बनाया जा सके। हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस पुरानी घटना को महज एक ढाल बनाया गया है, जबकि असली निशाना इशाक डार के रिश्तेदार पर हाथ डालने वाले SHO ही थे।
यह मामला इसलिए बेहद संवेदनशील बन गया है क्योंकि आरोपी का संबंध पाकिस्तान के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवार से है। इशाक डार न सिर्फ पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री हैं, बल्कि वे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सगे समधी भी हैं।
नवाज शरीफ की बेटी आसमा शरीफ की शादी इशाक डार के बेटे अली डार से हुई है। अली डार वर्तमान में मुख्यमंत्री मरियम नवाज के विशेष सलाहकार के पद पर तैनात हैं। ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल पारिवारिक और राजनीतिक कनेक्शन के कारण पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लाहौर पुलिस ने नीदरलैंड की स्टेफनी अदनाना मारून और वेनेज़ुएला की एस्ट्रीड रॉबिंसन ब्राचो की शिकायत पर गैंगरेप और फिरौती के लिए अगवा करने का मामला दर्ज किया था। इस मामले में डिप्टी पीएम के रिश्तेदार मुहम्मद रज़ा डार, सिकंदर अज़ीज़ ख़ान, हसन रज़ा और साजिद अली को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
लेकिन इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि एफआईआर में नामजद मुख्य आरोपी, जिसे "बॉस" कहा जा रहा है, वह अब भी आजाद है। सूत्रों के मुताबिक, "बॉस" पाकिस्तान की सियासत का एक बेहद रसूखदार नाम है, यही वजह है कि पुलिस न तो उसकी पहचान उजागर कर रही है और न ही उसे छूने की हिम्मत जुटा पा रही है।
Location : New Delhi
Published : 4 July 2026, 8:26 AM IST