नेपाल की जल-प्रलय से थर्राया यूपी-बिहार सीमा: गंडक में तैरते मिले शव और गृहस्थी के सामान, वाल्मीकिनगर-बगहा में मचा हड़कंप

नेपाल में मची तबाही का असर अब गंडक नदी में दिखने लगा है। नदी में बहते शव, मवेशी और घरेलू सामान देखकर बगहा-वाल्मीकिनगर में सनसनी फैल गई। गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं और प्रशासन पूरी रात हाई अलर्ट पर रहा।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 28 August 2026, 10:47 AM IST

Kathmandu: नेपाल के पहाड़ी इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के खौफनाक निशान अब गंडक नदी के मैदानी क्षेत्रों में साफ नजर आने लगे हैं। वाल्मीकिनगर और बगहा इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नदी की तेज धारा में इंसानी शवों के साथ मवेशियों के अवशेष बहते दिखे। रात के अंधेरे में पानी के साथ बहकर आ रहे रसोई गैस सिलेंडर, गाड़ियों के बड़े पहिए और घर के बिखरे सामान को देखकर स्थानीय लोग सिहर उठे।

गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोले गए

नेपाल से आ रहे भारी जलप्रवाह और संभावित खतरे को देखते हुए बगहा अनुमंडल प्रशासन, पुलिस और जल संसाधन विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है। बगहा की एसडीएम चांदनी कुमारी के अनुसार, प्रशासनिक टीम पूरी रात हाई अलर्ट पर रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गंडक बराज के सभी 36 फाटकों को खोल दिया गया है ताकि पानी के दबाव को नियंत्रित किया जा सके।

राजमार्ग ठप, काठमांडू से संपर्क टूटा

बाढ़ के कारण नेपाल की राजधानी काठमांडू का बाकी हिस्सों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। प्रमुख दिल्ली-काठमांडू राजमार्ग पर त्रिशूली नदी ने भारी तबाही मचाई है, जिससे 13 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़कों पर मलबा आने के कारण हजारों वाहन रास्ते में फंसे हुए हैं और यातायात पूरी तरह ठप पड़ा है।

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नेपाल में सेना का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

आपदा से निपटने के लिए नेपाली सेना ने 4,200 से अधिक जवानों को मैदान में उतारा है। सेना ने अब तक 50 विदेशी पर्यटकों सहित 602 लोगों को एयरलिफ्ट करके सुरक्षित निकाला है। लापता लोगों को खोजने के लिए स्निफर डॉग्स और ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे सर्च ऑपरेशन जारी है, जबकि सैकड़ों घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

Location :  Kathmandu

Published :  28 August 2026, 10:47 AM IST