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ईरान में जारी जनआंदोलन अब 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार विस्फोटक होते जा रहे हैं। देशभर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने धीरे-धीरे क्रांति का रूप ले लिया है। इसी बीच 26 वर्षीय युवा प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को फांसी दिए जाने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
जानिये कौन है इरफान सुल्तानी?
तेहरान। ईरान में जारी जनआंदोलन अब 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार विस्फोटक होते जा रहे हैं। देशभर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने धीरे-धीरे क्रांति का रूप ले लिया है। इसी बीच 26 वर्षीय युवा प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को फांसी दिए जाने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इरफान सुल्तानी हालिया प्रदर्शनों के दौरान फांसी दिए जाने वाले पहले व्यक्ति हो सकते हैं।
प्रदर्शनों के दौरान ईरानी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप की धमकियों के बीच खामेनेई शासन प्रदर्शनकारियों पर बेहद सख्ती से कार्रवाई कर रहा है।
मध्य ईरान के फार्दिस शहर में कपड़ों की दुकान चलाने वाले इरफान सुल्तानी एक साधारण युवक थे। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि उनका “एकमात्र अपराध आज़ादी के समर्थन में नारे लगाना” था। उन्हें 8 जनवरी को शासन विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें मौत की सजा सुना दी गई।
ब्रिटिश अखबार द गार्जियन के अनुसार, 11 जनवरी को इरफान सुल्तानी की एक संक्षिप्त अदालती सुनवाई हुई। इसके बाद ईरानी अदालत ने उन पर ‘मोहारेबेह’ (अल्लाह के खिलाफ युद्ध छेड़ने) का आरोप लगाते हुए फांसी की सजा सुना दी। परिवार को बताया गया है कि फांसी से पहले उन्हें केवल 10 मिनट की अंतिम मुलाकात की अनुमति दी जाएगी।
हेंगॉव ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स की सदस्य अरिना मोरादी ने बताया कि सुल्तानी के परिवार को कई दिनों तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। गिरफ्तारी के मात्र चार दिन बाद ही परिवार को मौत की सजा की सूचना दे दी गई। परिजनों का कहना है कि इरफान को न तो कानूनी सलाह दी गई और न ही निष्पक्ष बचाव का मौका मिला, जबकि उनकी बहन स्वयं एक लाइसेंस प्राप्त वकील हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देना शुरू करता है, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। ऐसे में अगर इरफान सुल्तानी को सरेआम फांसी दी जाती है, तो यह आंदोलन को और उग्र बना सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इरफान सुल्तानी की फांसी खामेनेई शासन के लिए “ताबूत में आखिरी कील” साबित हो सकती है।