
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की आग अब आम लोगों की जेब तक पहुंच गई है। वैश्विक हालात ऐसे बने हैं कि आसमान में उड़ान भरना अब पहले से ज्यादा महंगा सौदा साबित हो रहा है। हालात कुछ ऐसे हैं जैसे अंतरराष्ट्रीय टकराव की कीमत सीधे यात्रियों से वसूली जा रही हो, और अब इसकी मार साफ तौर पर टिकट कीमतों में दिखने लगी है।
Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव का असर अब हवाई यात्राओं पर साफ दिखने लगा है। जेट ईंधन यानी ATF की कीमतों में तेज उछाल के चलते Air India ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है।
एयर इंडिया के मुताबिक, नए सरचार्ज 8 अप्रैल 2026 से घरेलू उड़ानों पर लागू हो जाएंगे, जिससे यात्रियों की जेब पर 299 रुपये से लेकर 899 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय रूट्स के लिए यह बदलाव 10 अप्रैल से लागू होगा, जहां अधिकतम 280 डॉलर तक का सरचार्ज वसूला जाएगा।
एयरलाइन का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में जेट फ्यूल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। International Air Transport Association के आंकड़ों के अनुसार, मार्च के आखिरी सप्ताह में जेट फ्यूल की औसत कीमत करीब 195 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि फरवरी के अंत में यह लगभग 99 डॉलर थी। इस अचानक उछाल ने एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत को काफी बढ़ा दिया है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक घरेलू उड़ानों में एक समान सरचार्ज लिया जाता था, लेकिन अब इसे दूरी के आधार पर तय किया गया है। यानी जितनी लंबी दूरी, उतना ज्यादा चार्ज। यह नियम एयर इंडिया ग्रुप की सभी फ्लाइट्स पर लागू होगा, जिसमें एयर इंडिया एक्सप्रेस भी शामिल है। नई दरों के अनुसार 0-500 किलोमीटर की दूरी पर 299 रुपये, 501-1000 किलोमीटर पर 399 रुपये, 1001-1500 किलोमीटर पर 549 रुपये, 1501-2000 किलोमीटर पर 749 रुपये और 2000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर 899 रुपये का सरचार्ज देना होगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में स्थिति और ज्यादा चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि वहां फ्यूल की कीमतों पर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं होता। अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से शुल्क तय किया गया है, जिसमें SAARC देशों के लिए न्यूनतम और उत्तरी अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के रूट्स पर सबसे ज्यादा सरचार्ज लगाया गया है। एयर इंडिया ने साफ किया है कि नए सरचार्ज के बावजूद बढ़ी हुई लागत पूरी तरह से कवर नहीं हो पा रही है और कंपनी अब भी खर्च का एक हिस्सा खुद उठा रही है। फ्यूल की कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ कच्चे तेल की वजह से नहीं, बल्कि रिफाइनिंग मार्जिन में बढ़ोतरी के कारण भी हुई है।
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राहत की बात यह है कि जिन यात्रियों ने 8 या 10 अप्रैल 2026 से पहले टिकट बुक कर लिए हैं, उन्हें यह अतिरिक्त सरचार्ज नहीं देना होगा। हालांकि, अगर टिकट में कोई बदलाव किया जाता है और किराया दोबारा तय होता है, तो यह शुल्क लागू हो सकता है। फिलहाल, एयरलाइन ने संकेत दिए हैं कि बाजार की स्थिति को देखते हुए भविष्य में इस सरचार्ज की समीक्षा की जा सकती है। साफ है कि जब तक ग्लोबल हालात सामान्य नहीं होते, तब तक हवाई सफर आम आदमी की जेब पर भारी पड़ता रहेगा
Location : New Delhi
Published : 7 April 2026, 2:43 PM IST