
प्रतीकात्मक छवि (Image Source Internet)
New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच घोषित सीजफायर के बावजूद पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर ईरान ने दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोक दी है, वहीं दूसरी ओर लेबनान पर इजराइल के हमलों के बाद हालात और अधिक विस्फोटक हो गए हैं। ईरान ने कड़ी चेतावनी देते हुए संकेत दिए हैं कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो वह सीजफायर समझौते से बाहर निकल सकता है।
ईरान की ओर से अब बेहद सख्त बयान सामने आ रहे हैं। ईरानी सूत्रों का कहना है कि अगर अमेरिका अपने सहयोगी इजरायल को नहीं रोक पाता, तो ईरान सीजफायर समझौते से बाहर निकल सकता है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी चेतावनी दी है कि लेबनान पर हुए हमलों का बदला लिया जाएगा।
Iran-US Talks: अधिकार नहीं छोड़ेंगे… फाइनल बातचीत से पहले खामेनेई का बड़ा बयान
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह सीजफायर पूरे क्षेत्र के लिए था, लेकिन इजरायल लगातार इसका उल्लंघन कर रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इसे सीधे समझौते के साथ धोखा मान रहा है और आगे कड़ी कार्रवाई के संकेत दे रहा है।
आज दक्षिणी लेबनान के कई रिहायशी इलाकों में इजरायली तोपखाने से भारी गोलाबारी की जा रही है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, काफर रूमान, काफर तिबनीत और हब्बूश जैसे कस्बों को सीधा निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही रसिया अल-फखर के बाहरी इलाकों में भी इजरायली तोपें लगातार गोले बरसा रही हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों के लोग दहशत में हैं और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं।
हाल ही में यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा की गई थी, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। इसी बीच इजरायल ने लेबनान पर बड़ा हमला कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, F-35 गिराने के दावे पर विवाद; अमेरिका ने कहा…
व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है क्योंकि वहां हिजबुल्लाह की सक्रियता बनी हुई है। अमेरिकी प्रशासन की इस स्थिति के बाद इजरायल ने भी अपने सैन्य अभियानों को जारी रखा है।
Location : New Delhi
Published : 10 April 2026, 11:58 AM IST