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ईरान-इजरायल संघर्ष तेज, कोर्नाक नेवल बेस को हवाई हमलों में भारी नुकसान, ईरान के नेवी चीफ शाहराम ईरानी की मौत, 31 लोग लेबनान में मरे। क्षेत्रीय तनाव बढ़ा, जवाबी हमले जारी।
ईरानी नौसेना के जहाज समुद्र में समाए! (Img- Internet)
Tehran: मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है, जहां ईरान और इजरायल दोनों ओर से मिसाइल हमले जारी हैं। इस दौरान लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायल के हवाई हमलों में कम से कम 31 लोग मारे गए और 149 घायल हुए हैं। घायल लोगों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया और राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। वहीं ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है।
दक्षिण‑पूर्वी ईरान में स्थित कोर्नाक नौसैनिक अड्डा, जो गल्फ ऑफ ओमान के तट और पाकिस्तान सीमा के पास है, अब युद्ध के केंद्र में आ गया है। यह रणनीतिक स्थल ईरान को भारतीय महासागर तक सीधी पहुंच देता है और लंबे समय से ड्रोन, मिसाइल और एंटी‑शिप हथियारों की तैनाती के लिए जाना जाता है। 1 और 2 मार्च 2026 की सेटेलाइट तस्वीरों में पुष्टि हुई है कि कोर्नाक बेस को हवाई हमलों में जबरदस्त नुकसान हुआ है।
सैटेलाइट तस्वीरों में कोर्नाक बेस के कई वेयरहाउस, वॉटरफ्रंट बिल्डिंग्स और सपोर्ट स्ट्रक्चर नष्ट दिखाई दे रहे हैं। कई हिस्सों से घना धुआं उठ रहा है। यह हमला ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्नाक बेस पर हुए नुकसान से ईरानी नौसैनिक संचालन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
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उधर, हवाई हमलों में ईरान के नेवी चीफ शाहराम ईरानी की भी मौत हो गई है। शनिवार से ही ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले जारी हैं, जिसमें कई वरिष्ठ ईरानी नेताओं की जान जा चुकी है। इस हमले ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और ईरानी नौसेना की कमान में गंभीर अंतर पैदा कर दिया है।
कोर्नाक नौसैनिक बेस (Img- Internet)
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान के नेतृत्व और सुरक्षा ढांचे पर सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना ईरान के आंतरिक और बाहरी रणनीतिक निर्णयों को प्रभावित कर सकती है।
ईरान और इजरायल के बीच यह संघर्ष अब केवल मिसाइल हमलों तक सीमित नहीं है। दोनों पक्षों ने अपने‑अपने रणनीतिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी भयंकर कार्रवाई की संभावना है। अमेरिका ने भी ईरान पर हमले में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक तनाव बढ़ा है।
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विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष कुछ दिनों या हफ्तों में थम सकता है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। ईरान और इजरायल दोनों ही अगले कदम के लिए तैयारी में हैं। वैश्विक समुदाय ने चेतावनी दी है कि स्थिति और बिगड़ सकती है और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही इसे नियंत्रित किया जा सकता है।