होर्मुज जलडमरूमध्य संकट पर यूएन में गर्जा भारत, कहा- ‘समुद्री व्यापार को भू-राजनीति का निशाना न बनाएं’

होर्मुज जलडमरूमध्य संकट पर यूएनएससी में भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि समुद्री व्यापार को भू-राजनीतिक तनाव का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने नाविकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जोरदार वकालत की।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 September 2026, 11:40 AM IST

New Delhi: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक विशेष बैठक के दौरान भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और वैश्विक समुद्री व्यापार पर पड़ रहे इसके प्रतिकूल प्रभावों पर अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समुद्री व्यापारिक गतिविधियों को किसी भी देश के भू-राजनीतिक स्वार्थों का जरिया या निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अंतर्राष्ट्रीय नियमों और कानूनों के तहत व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से सुरक्षित, स्वतंत्र और किसी भी तरह के अवैध प्रतिबंधों व खतरों से मुक्त होनी चाहिए।

भारतीय नाविकों की जान और जहाजों की सुरक्षा पर चिंता

हाल के महीनों में खाड़ी और लाल सागर क्षेत्र में उत्पन्न तनाव के कारण भारतीय जहाजों और भारतीय नाविकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कई झड़पों और हमलों में निर्दोष भारतीय नाविकों की जान गई है और दर्जनों जहाजों पर फंसे हुए हैं।

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पी. हरीश ने इस संकट को देखते हुए जोर दिया कि पूरी दुनिया को एकजुट होकर नाविकों के सुरक्षित बचाव, समय पर क्रू बदलने, चिकित्सा सहायता प्रदान करने और उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए एक ठोस एवं प्रभावी आकस्मिक योजना तैयार करनी चाहिए, क्योंकि मानव जीवन किसी भी संघर्ष से ऊपर है।

भारतीय नौसेना का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा और मुस्तैदी

इस संकटपूर्ण परिस्थिति के बीच भारत सिर्फ मूकदर्शक बनकर नहीं बैठा है, बल्कि उसने पश्चिमी अरब सागर और लाल सागर में अपनी नौसैनिक उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय नौसेना ने व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए 'ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा' चलाया हुआ है।

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इस अभियान के जरिए 449 से ज्यादा कमर्शियल जहाजों और अरबों डॉलर मूल्य के तेल व रसद से लदे कार्गो को सुरक्षित निकाला गया है। इसके अलावा, भारत ने ड्रोन, साइबर हमलों और बिना चालक वाले हथियारों से उपजते नए वैश्विक समुद्री खतरों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय तकनीक सहयोग बढ़ाने की भी वकालत की है।

Location :  New Delhi

Published :  19 September 2026, 11:40 AM IST