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एलन मस्क (सोर्स गुगल)
New Delhi: एलन मस्क ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तीखी आलोचना की है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन द्वारा पेश किए गए नए कर और खर्च बिल को "पागलपन" और "अमेरिका के लिए बेहद हानिकारक" बताया। मस्क का कहना है कि इस बिल से न केवल अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि लाखों नौकरियां भी खतरे में पड़ सकती हैं।
डायनामाइट न्यूज संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, कभी ट्रंप के करीबी माने जाने वाले मस्क अब खुलकर उनकी नीतियों के खिलाफ हैं। इस बिल में कई ऐसे प्रस्ताव शामिल हैं, जो अमेरिका की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं।
इनमें मेडिकेड और फूड स्टैंप जैसी सामाजिक योजनाओं में भारी कटौती शामिल है, जबकि रक्षा और सीमा सुरक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। जैसे कि यूएस-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए 46 बिलियन डॉलर, 100,000 प्रवासी हिरासत बेड और साइनिंग बोनस सहित 10,000 नए ICE अधिकारियों की भर्ती की योजना।
4 जुलाई से पहले विधेयक पारित करने के लिए ट्रम्प का दबाव
ट्रम्प ने रिपब्लिकन सांसदों को 4 जुलाई से पहले दोनों सदनों में इस विधेयक को पारित करवाने का आदेश दिया है। चूंकि रिपब्लिकन पार्टी के पास सीनेट और सदन दोनों में बहुमत है, इसलिए ट्रम्प इसे अपने चुनाव अभियान की एक बड़ी उपलब्धि बनाना चाहते हैं।
उन्होंने इसे अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है, जिसमें सीमाओं को कड़ा करना और अवैध अप्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना प्रमुख है।
हर साल 10 लाख लोगों को निर्वासित करने की योजना
इस विधेयक का सबसे विवादास्पद प्रस्ताव हर साल 10 लाख अप्रवासियों को देश से निष्कासित करना है, जो अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा निर्वासन अभियान बन सकता है। न केवल मानवाधिकार कार्यकर्ता बल्कि कई उद्योगपति और कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
मस्क की चेतावनी: भविष्य के उद्योग खतरे में
एलोन मस्क ने चेतावनी दी है कि यह विधेयक अमेरिका के उभरते प्रौद्योगिकी उद्योगों, जैसे हरित ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को पीछे धकेल देगा, जबकि पुराने उद्योगों को लाभ पहुंचाएगा। उनका मानना है कि यह कदम अमेरिका के भविष्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
ट्रम्प ऐसा क्यों कर रहे हैं?
सत्ता में आने से पहले ट्रंप ने 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' का नारा देकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने का वादा किया था, लेकिन वे अपने वादे के मुताबिक काम नहीं कर पाए। हाल ही में, उन्हें ग्रीनलैंड पर बलपूर्वक कब्ज़ा करने के लिए यूरोप से भी कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है।
Location : New Delhi
Published : 29 June 2025, 4:08 PM IST
Topics : Donald Trump Elon Musk Geopolitics USA World Affairs