Alaska Boat Accident: बर्फीले बेरिंग सागर में 2 दिन पलटी नाव से चिपका रहा 15 साल का किशोर, भाई की मौत

अलास्का के बेरिंग सागर में 15 साल का किशोर पलटी नाव से दो दिन तक चिपका रहा और मौत को मात देकर बच गया। हादसे में उसके बड़े भाई और रिश्तेदार की मौत हो गई। जानिए कैसे बची किशोर की जिंदगी।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 12 September 2026, 9:36 AM IST
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अलास्का: अमेरिका के अलास्का में एक दिल दहला देने वाली समुद्री घटना सामने आई है, जहां 15 साल का एक किशोर बर्फीले समुद्र में पलटी हुई नाव से करीब दो दिन तक चिपका रहा। मुश्किल हालात और जमा देने वाले पानी के बावजूद किशोर ने हिम्मत नहीं छोड़ी और आखिरकार एक मछली पकड़ने वाली नाव ने उसे सुरक्षित बचा लिया। हालांकि, इस हादसे में उसके बड़े भाई और एक रिश्तेदार की जान चली गई।

ठंडे बेरिंग सागर में जिंदगी की जंग लड़ता रहा किशोर

यह घटना अलास्का के सेंट लॉरेंस द्वीप के पास बेरिंग सागर में हुई। यह इलाका रूस के काफी करीब स्थित है और अलास्का के सबसे दूरदराज क्षेत्रों में गिना जाता है। किशोर डेरेक पार्कर अघनांगा अपनी छोटी नाव से मछली पकड़ने निकला था, लेकिन शनिवार रात अचानक नाव समुद्र में पलट गई।

नाव पलटने के बाद किशोर और उसका रिश्तेदार कुछ समय तक नाव को पकड़कर पानी में टिके रहे। किशोर ने बचाव दल को बताया कि बाद में उसका रिश्तेदार पानी में फिसलकर गिर गया और फिर वापस नहीं आ सका।

10 डिग्री पानी में कांपते हुए भी नहीं छोड़ी उम्मीद

मछली पकड़ने वाली नाव द नॉर्थवेस्ट एक्सप्लोरर के कप्तान एडम व्हाइट ने बताया कि किशोर अंधेरे और बेहद ठंडे मौसम के बीच पलटी नाव से चिपका रहा। उस समय समुद्र के पानी का तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस था।

कप्तान के मुताबिक, बचाए जाने के वक्त किशोर के दांत ठंड से कांप रहे थे, लेकिन उसने अपनी हिम्मत बनाए रखी। उसने बताया कि उसका भाई अभी भी नाव के नीचे फंसा हुआ है और बचाव से पहले की रात उसका रिश्तेदार समुद्र में गिर गया था।

भाई और रिश्तेदार की नहीं बच सकी जान

अमेरिकी तटरक्षक बल ने सोमवार सुबह तीनों की तलाश शुरू की थी। परिवार ने रविवार रात उनके लापता होने की सूचना दी थी। तीनों शुक्रवार को सेंट लॉरेंस द्वीप के सावूंगा गांव से निकले थे और रविवार सुबह वापस लौटना था।

बाद में किशोर के बड़े भाई सिडनी कुलोवियी और रिश्तेदार के शव बरामद कर लिए गए। सिडनी कुलोवियी की उम्र 35 साल थी और वह व्यावसायिक मछली पकड़ने वाली नाव के कप्तान थे।

पिता की मौत के बाद भाई को मानता था पिता जैसा

किशोर की मौसी कोलन वॉकर ने बताया कि डेरेक अक्सर अपने बड़े भाई सिडनी के साथ मछली पकड़ने जाता था। पिता की मौत के बाद वह अपने भाई को पिता जैसी शख्सियत मानता था।

उन्होंने बताया कि सिडनी गांव में लोगों की मदद करने वाले शांत और जिम्मेदार व्यक्ति थे। वह मछलियां पकड़कर परिवार और पड़ोसियों के साथ बांटते थे। सावूंगा गांव में करीब 800 लोग रहते हैं और यहां मछली पकड़ना लोगों की जिंदगी और संस्कृति का अहम हिस्सा है।

तटरक्षक विमान ने देखा, फिर हुई बचाव की कार्रवाई

अमेरिकी तटरक्षक बल के एक विमान ने सोमवार सुबह किशोर को समुद्र में देखा। इसके बाद बचाव दल ने उसे जरूरी सामान पहुंचाया और मछली पकड़ने वाली नाव नॉर्थवेस्ट एक्सप्लोरर से संपर्क किया गया।

कई घंटों तक मौत से लड़ने के बाद किशोर को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना समुद्र में जीवित रहने की अद्भुत मिसाल बन गई है।

Location :  Alaska

Published :  12 September 2026, 9:36 AM IST

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